जयपुर। राजस्थान सरकार के बजट 2026-2027 के तहत वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने विधानसभा में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, कैडर पुनर्गठन तथा पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इन घोषणाओं में उन्होंने स्मार्ट और सशक्त पुलिसिंग का संदेश देते हुए राजस्थान पुलिस में संसाधन, संरचना और मानवबल के व्यापक विस्तार का रोडमैप प्रस्तुत किया।
कैडर पुनर्गठन से 7 हजार से अधिक कार्मिकों को मिलेंगे पदोन्नति के अवसर
पुलिस विभाग में तकनीकी संवर्ग में वर्ष 1998 में नियुक्त कॉन्स्टेबल वर्तमान में भी कॉन्स्टेबल के पद पर ही कार्यरत हैं जबकि सिविल पुलिस में 1998 में नियुक्त कॉन्स्टेबल पदोन्नति प्राप्त कर सहायक उप निरीक्षक बन चुके हैं। इन स्थितियों में तकनीकी संवर्ग के कर्मियों में निराशा के भाव उत्पन्न हो रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तकनीकी संवर्ग के कार्मिकों को बेहतर पदोन्नति अवसर उपलब्ध कराने के लिए कैडर पुनर्गठन का निर्णय लिया है। इससे तकनीकी पदों के 7000 से अधिक कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। यह निर्णय न केवल विभागीय दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि कार्मिकों की कार्यकुशलता व मनोबल को भी सुदृढ़ करेगा।
डायल 112/100 से जुड़ेंगे थाने, मिलेंगे 1250 वाहन, बढ़ेगा त्वरित रिस्पॉन्स
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए थानों एवं गश्ती दलों को डायल 112/100 प्रणाली से जोड़ते हुए चरणबद्ध रूप से 1,250 नए वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही 2,500 अतिरिक्त कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर फील्ड मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इसकी निगरानी और क्रियान्वयन की समेकित व्यवस्था की जाएगी, जिससे ERSS का वर्तमान रेस्पॉन्स समय जो 9.25 मिनट है, उस समय में और सुधार हो जाएगा व लोगों को त्वरित पुलिस रिस्पांस मिल पाएगा।
महिला अपराध उन्मूलन हेतु कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का होगा विस्तार
वर्तमान में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता में रखते हुए 46 पुलिस जिलों में 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट कार्यरत है।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की संख्या 500 से बढ़ाकर 600 करने की घोषणा की है। यह कदम महिला सुरक्षा व महिला अपराध उन्मूलन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विशेष प्रशिक्षित ‘राज्य विशेष पुलिस बल’ का गठन प्रस्तावित
वर्तमान में राज्य के महत्वपूर्ण भवनों एवं संस्थानों—लोकभवन, विधानसभा, उच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री आवास, हवाई अड्डों तथा औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा सिविल पुलिस व आरएसी द्वारा की जाती है। अब मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन स्थलों की सुरक्षा विशेष दक्षता के साथ कराने की दृष्टि से विशेष रूप से प्रशिक्षित ‘राज्य विशेष पुलिस बल’ के गठन का प्रस्ताव रखा है। इस दल को विशेष आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा जिससे इन संस्थाओं की और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सुशासन के लिए प्रशासनिक इकाइयों की स्थापना व क्रमोन्नति
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेश में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों की स्थापना व क्रमोन्नयन के साथ-साथ सुदृढ़ीकरण एवं आधारभूत सुविधायें विकसित किये जाने के लिए विभिन्न कार्य करवाने की घोषणा की है। इसके तहत लूणी-जोधपुर व पीसांगन-अजमेर में नवीन वृत / पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय, तेल फैक्ट्री पुलिस चौकी बारां, बाछडाऊ (चौहटन), महावीर नगर-बाड़मेर व नाडोल-जोधपुर को पुलिस चौकी से पुलिस थाना में क्रमोन्नत किया है। इसी प्रकार पिनान (रैणी)-अलवर में पुलिस थाना स्थापित किया जाएगा।
मजबूत होगी पुलिस संरचना
प्रदेश में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों की स्थापना एवं क्रमोन्नयन के साथ पुलिस संरचना को भी मजबूत किया जाएगा। नए पुलिस वृत्त, पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय तथा पुलिस चौकियों को थानों में क्रमोन्नत करने जैसे कदम पुलिस तंत्र को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने इन घोषणाओं के माध्यम से राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के हितों और कल्याण को भी समान प्राथमिकता दी है। राजस्थान पुलिस द्वारा बजट 2026-27 को पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण और सशक्तिकरण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



