चंडीगढ़। अमृत काल में देशभर के रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में भारतीय रेल ने एक व्यापक अभियान छेड़ा हुआ है। इस अभियान के तहत कई स्टेशन न केवल आधुनिक रूप ले रहे हैं, बल्कि आने वाले 40–50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जा रहे हैं। इन्हीं में एक प्रमुख नाम है चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन, जो अब एक नए और आकर्षक स्वरूप में उभर रहा है। यह स्टेशन केवल एक रेलवे ठिकाना नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए एक साझा प्रवेशद्वार है। जिस प्रकार चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तीन राज्यों को जोड़ने वाला हवाई केंद्र है, उसी प्रकार चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन भी उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब बनता जा रहा है।
तीन राज्यों को जोड़ता सामरिक केंद्र
चंडीगढ़ की भौगोलिक स्थिति इसे स्वाभाविक रूप से एक क्षेत्रीय केंद्र बनाती है। यह शहर स्वयं एक केंद्र शासित प्रदेश है, लेकिन इसकी सीमाएँ पंजाब और हरियाणा से सटी हुई हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश का प्रवेशद्वार भी यही क्षेत्र माना जाता है। हिमाचल प्रदेश के लिए जाने वाले अधिकांश यात्री चंडीगढ़ तक रेल से आते हैं और यहाँ से आगे बस या निजी वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुँचते हैं। पंजाब के कई जिलों के लिए भी यह स्टेशन महत्वपूर्ण पड़ाव है। पंचकूला और मोहाली जैसे शहरों की निकटता इसे और अधिक उपयोगी बनाती है। ऐसे में स्टेशन का आधुनिकरण केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि एक व्यापक क्षेत्रीय आवश्यकता है।
एयरपोर्ट जैसा अनुभव देने की तैयारी
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अवधारणा है। इसे इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि यात्रियों को यहाँ एयरपोर्ट जैसी सुविधा और अनुभव मिले। विशाल और सुव्यवस्थित प्रवेश द्वार अलग-अलग आगमन और प्रस्थान मार्ग,चौड़े कॉरिडोर और प्रतीक्षालय,आधुनिक फूड जोन,ब्रांडेड रिटेल आउटलेट,डिजिटल सूचना प्रणाली स्टेशन परिसर में आधुनिक लाइटिंग, सेंट्रलाइज्ड एयर सर्कुलेशन और साफ-सुथरे बैठने के क्षेत्र यात्रियों को आरामदायक वातावरण प्रदान करेंगे।
प्लेटफॉर्म वही, लेकिन तकनीक नई
हालांकि स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या पूर्ववत छह ही रहेगी, लेकिन उनका स्वरूप और उपयोगिता पूरी तरह बदल जाएगी। प्लेटफॉर्म पर आधुनिक शेल्टर,बेहतर फर्श और ड्रेनेज सिस्टम,एलईडी डिस्प्ले बोर्ड,हाई-स्पीड वाई-फाई,स्वचालित एस्केलेटर और लिफ्ट. यह तकनीक राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ प्रमुख स्टेशनों पर भी अपनाई गई है, लेकिन चंडीगढ़ स्टेशन की डिजाइन और फिनिशिंग इसे अलग पहचान देती है।
भविष्य की मेट्रो को ध्यान में रखकर डिज़ाइन
विशेषज्ञों के अनुसार, चंडीगढ़ जैसे आधुनिक शहर में मेट्रो की आवश्यकता भविष्य में अनिवार्य होगी। भले ही अभी आधिकारिक रूप से मेट्रो परियोजना की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन स्टेशन का डिजाइन इस संभावना को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। स्टेशन परिसर इतना विस्तृत है कि भविष्य में मेट्रो स्टेशन या इंटरचेंज की सुविधा विकसित की जा सके। इससे शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव संभव होगा।
बस अड्डे की संभावना
स्टेशन की विशालता को देखते हुए भविष्य में यहाँ एक समेकित बस टर्मिनल विकसित करने की संभावना भी है। यदि ऐसा होता है तो यात्रियों को रेल और बस सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एक “मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब” की दिशा में बड़ा कदम होगा।
हरित ऊर्जा और स्मार्ट प्रबंधन
स्टेशन भवन में सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। छत पर लगे सोलर पैनल ऊर्जा उत्पादन करेंगे, जिससे बिजली खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही आधुनिक बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लागू किया जा रहा है, जो ऊर्जा खपत की निगरानी,सुरक्षा प्रणाली,अग्नि सुरक्षा,लाइटिंग और एयर कंडीशनिंग नियंत्रण को एकीकृत रूप से संचालित करेगा। दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रबंध स्टेशन को पूर्णतः दिव्यांग अनुकूल बनाया जा रहा है। रैंप और व्हीलचेयर सुविधा,टैक्टाइल पाथ,विशेष शौचालय, ऑडियो-वीडियो सूचना प्रणाली यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी यात्री को असुविधा न हो।
सुरक्षा व्यवस्था में उन्नयन
आधुनिक सीसीटीवी कैमरे, फेस रिकग्निशन तकनीक, कंट्रोल रूम और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती स्टेशन को सुरक्षित बनाएगी। त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
स्वच्छता और सौंदर्य
चंडीगढ़ अपनी स्वच्छता और सुव्यवस्थित शहरी योजना के लिए जाना जाता है। स्टेशन को भी इसी पहचान के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।मैकेनाइज्ड क्लीनिंग सिस्टम,आधुनिक कचरा प्रबंधन,हरित क्षेत्र और लैंडस्केपिंग स्टेशन परिसर कुछ ही महीनों में पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएगा और स्वच्छता के मामले में नया मानक स्थापित करेगा।
प्रधानमंत्री के विजन का प्रतिबिंब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत काल विजन के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने की योजना को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। रेल मंत्री ने कई मंचों पर स्पष्ट किया है कि आमजन को बेहतर से बेहतर सुविधा देना रेलवे की प्राथमिकता है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
स्टेशन के पुनर्विकास से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे,आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियाँ तेज होंगी,होटल, रेस्टोरेंट और परिवहन सेवाओं को लाभ मिलेगा. क्षेत्रीय पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा. हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों और पंजाब के धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों के लिए यह स्टेशन प्रमुख कड़ी बनेगा।
भीड़ प्रबंधन की आधुनिक रणनीति
स्टेशन की डिजाइन ऐसी बनाई गई है कि भविष्य में यदि यात्री संख्या दोगुनी भी हो जाए, तब भी भीड़ प्रबंधन सुचारु रूप से किया जा सके। अलग प्रवेश और निकास,चौड़े फुटओवर ब्रिज,स्वचालित टिकटिंग,डिजिटल कतार प्रणाली ये सभी व्यवस्थाएँ स्टेशन को भविष्य के लिए तैयार बनाती हैं।



