नई दिल्ली/जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसे पर्यटन और संस्कृति क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया। बजट के बाद अपनी प्रतिक्रिया में शेखावत ने कहा कि यह बजट उम्मीदों से कहीं अधिक प्रोत्साहन देने वाला है। भारत को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करता है। उन्होंने इस भविष्योन्मुखी विजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बजट में ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी’ की स्थापना की घोषणा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि देश में फलते-फूलते पर्यटन क्षेत्र को देखते हुए प्रशिक्षित जनशक्ति की भारी मांग थी, जिसे यह संस्थान पूरा करेगा। देश के प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को प्रशिक्षित करने की योजना न केवल पर्यटकों के अनुभव को सुधारेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए और सम्मानजनक अवसर भी पैदा करेगी। बजट में 15 नए पुरातात्विक उत्खनन स्थलों को विकसित करने के प्रस्ताव पर खुशी जताते हुए शेखावत ने कहा कि यह कदम उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, जिनकी रुचि इतिहास और शोध में है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर की सफलता के विस्तार के रूप में देखा। उन्होंने इकोलॉजिकल ट्रेल्स, माउंटेन ट्रेल्स और स्टारगेजिंग जैसे आधुनिक पर्यटन अनुभवों के लिए किए गए प्रावधानों को भी सराहा।
कनेक्टिविटी और मेडिकल टूरिज्म को नई दिशा
पूर्वोत्तर के लिए ‘अष्टलक्ष्मी’ विजन को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वहां बौद्ध सर्किट और मठों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्र में पांच विशेष पर्यटक ट्रेनों का संचालन कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा। उन्होंने बताया कि पांच नए मेडिकल हब्स की स्थापना ‘मेडिकल वैल्यू टूरिज्म’ के माध्यम से भारत को वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाएगी।
घरेलू पर्यटन की रिकॉर्ड वृद्धि
शेखावत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में आर्थिक उत्थान के कारण घरेलू पर्यटन में जबरदस्त उछाल आया है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले एक साल में लगभग 294 करोड़ पर्यटकों ने देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की है। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टीसीएस को 10 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने के फैसले को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया।
तकनीक से सजेगी भारत की कहानी
भारत की सांस्कृतिक विरासत के विषय में शेखावत ने कहा कि हमें अपनी कहानियों को बदलने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें सही ढंग से पेश करने की जरूरत है। ‘नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ के माध्यम से एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर भारत की अनूठी विरासत की मार्केटिंग पूरी दुनिया में प्रभावी ढंग से की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह ‘बेमिसाल बूस्ट’ भारत को वैश्विक सांस्कृतिक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करेगा।



