मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए मतगणना जारी है। दोपहर तक के रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बढ़त हासिल की है। बीएमसी चुनाव में महायुति ने बहुमत के आंकड़े को भी पार कर लिया है। हालांकि, अब तक के रुझानों में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों का निराशाजनक प्रदर्शन देखा गया है। चुनाव आयोग के शुक्रवार दोपहर तक के रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी बीएमसी चुनावों में सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरी और उसके गठबंधन को निर्णायक बढ़त मिली। कुल 119 वार्डों में महायुति के प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई, जिसमें भाजपा 88 वार्डों में और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट 31 वार्डों में आगे है। हालांकि, ‘ठाकरे ब्रदर्स’ की संयुक्त ताकत उम्मीदों से कम रही। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) 64 वार्डों में आगे दिखी, जबकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को सिर्फ छह वार्डों में बढ़त मिली। राजनीतिक एकजुटता के प्रयासों के बावजूद दोनों दल भाजपा गठबंधन के मुकाबले काफी पीछे रह गए हैं।
मुंबई के अलावा, पूरे राज्य में भी रुझान भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में थे। 29 नगर निगमों में, भाजपा को 909 वार्डों में बढ़त मिली है, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना 237 वार्डों में आगे चल रही है।
पुणे एक और प्रमुख युद्ध का मैदान बनकर उभरा, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों (अजीत पवार गुट और शरद पवार गुट) ने नगर निगम चुनावों के लिए हाथ मिलाया। पुणे में परिणाम को जमीनी स्तर पर गठबंधन की चुनावी व्यवहार्यता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने मतगणना के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जो हिंदू हित की बात करेगा वही महाराष्ट्र पर राज करेगा। जय श्री राम।”
बता दें कि महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के 893 वार्डों में कुल 2,869 सीटों के लिए वोटिंग हुई। मतदाताओं ने 15,931 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत का फैसला किया, जिसमें अकेले मुंबई में लगभग 1,700 उम्मीदवार शामिल हैं।

बीएमसी चुनाव : महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार किया, ‘ठाकरे ब्रदर्स’ की पार्टियां पिछड़ीं
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