भदलाव की बालिका सुमन कंवर ने किया जिले का नाम रोशन

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सवाई माधोपुर। इंस्पायर अवार्ड मानक सत्र 2024-25 की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 22 से 24 दिसंबर 2025 तक सेठ किशन लाल कांकरिया उच्च माध्यमिक विद्यालय नागौर में किया गया। इस प्रतियोगिता में संपूर्ण राजस्थान के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया , जिसमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भदलाव की बालिका सुमन कंवर का प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रदर्शनी के लिए चयन हुआ।
विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इंस्पायर (प्ददवअंजपवद पद ैबपमदबम च्नतेनपज वित प्देचपतम त्मेमंतबी) अवार्ड- मानक योजना सम्पूर्ण देश के युवाओं में किया गया एक ऐसा निवेश है जो विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को विकसित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान का बीज बोकर उसे पोषण और प्रोत्साहित करना, विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण उत्पन्न करना है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को उनकी रचनात्मक एवं नवीन विचारों को प्रोटोटाइप और उत्पाद विकास के लिए प्रोत्साहित करता है। इसमें राज्य एवं केन्द्र सरकार के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों की कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट को इंस्पायर अवार्ड- मानक योजना के तहत म्.डप्।ै पोर्टल पर लॉगिन करके विद्यार्थियों के सृजनात्मक एवं नवाचारी विचार को शीर्षक दिया जाता है। इसके पश्चात उसके बारे में संक्षिप्त विवरण यथा उद्देश्य एवं समाज के लिए उपयोगिता आदि का उल्लेख किया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के रूप में 10,000 की राशि दी जाती है। ऑनलाइन चयनित विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट की जिला स्तर पर प्रदर्शनी की जाती है। वहां श्रेष्ठ चयनित प्रोजेक्ट को राज्य स्तर की प्रदर्शनी में भेजा जाता है एवं राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली भेजा जाता है।
प्रधानाचार्य द्वारा बताया गया कि सत्र 2018 में भी विद्यालय के बालक दीपक नायक के प्रोजेक्ट का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ था, उसके पश्चात प्रतिवर्ष विद्यालय के विद्यार्थियों का इंस्पायर अवार्ड में चयन हो रहा है।
क्या है नवाचार :- विद्यालय की विज्ञान विषय की वरिष्ठ अध्यापक राजे अग्रवाल के निर्देशन में बालिका सुमन ने सेफ्टी शूज का नवाचार किया। प्रायः देखा जाता है कि बरसात के दिनों में बिजली के तार टूट जाने से आसपास एवं पानी में करंट दौड़ पड़ता है जिससे मानव जीवन की क्षति हो जाती है। इससे बचने के लिए बालिका द्वारा सेफ्टी शूज तैयार किया गया इसमें करंट के संपर्क में आते ही जूते के तलवे में लगे सेंसर से सायरन की आवाज आएगी एवं जूते में लगी लाइट जलेगी जिससे व्यक्ति स्वयं सचेत होकर दूसरों को भी सचेत कर देगा।

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