जोधपुर। अर्थ -डे ने आज जोधपुर, राजस्थान के एक गाँव बावरला के आंगनवाड़ी क्षेत्रीय केंद्र में महिलाओं के लिए एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य था धुंआ रहित चूल्हा और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना, और यह बताना कि प्लास्टिक जलाने और पारंपरिक धुंआ देने वाले चूल्हों से होने वाले नुकसान कैसे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। इस पहल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं भगवती देवी सोनी और समन्वयक श्रीमान धीरज कुमार शर्मा का सहयोग रहा। यह सत्र एक पूर्व कार्यक्रम सर्वेक्षण और जानकारी साझा करने की पहल थी, जो आने वाले हफ्तों में होने वाले एक बड़े कार्यक्रम का हिस्सा होगा। यह कार्यक्रम अर्थ -डे 2025 की थीम — “हमारी ऊर्जा, हमारा ग्रह” — से जुड़ा है और इसका उद्देश्य स्वस्थ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ खाना पकाने के विकल्पों की ओर स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे टीबी, खांसी और आंखों में जलन जैसी बीमारियों से बचा जा सकेगा। साथ ही, इन्हें प्रशिक्षण और सशक्तिकरण भी प्रदान किया जाएगा। इस सत्र का संचालन अर्थ -डे के दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के युवा मामलों के प्रबंधक, श्री रुमित वालिया द्वारा किया गया। आज का कार्यक्रम इस परियोजना की एक सशक्त शुरुआत है।

जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र मंडोर ब्लाक बावरला में स्वच्छ खाना पकाने के लिए जागरूकता अभियान की शुरुआत की
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