नई दिल्ली। असम में 14 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिब्रूगढ़ जिले के मोरन बाईपास पर 14 फरवरी को आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा होगी।
पूर्वोत्तर की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा
यह ईएलएफ राजमार्ग के एक चिन्हित हिस्से को आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे के रूप में उपलब्ध कराएगी। इस सुविधा के जरिए लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर आपातकालीन लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकेंगे। रणनीतिक दृष्टि से यह पूर्वोत्तर भारत के लिए अत्यंत अहम कदम माना जा रहा है।
आपदा राहत और मानवीय अभियानों में मददगार
यह सुविधा दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों के दौरान भी महत्वपूर्ण साबित होगी। प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देने में यह ईएलएफ सहायक बनेगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम पहल
इस सुविधा का उद्घाटन राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ असम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ नागरिक तथा सेना से जुड़े गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे।



