ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में की गयी कार्रवाई और उसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से किये गये हमले के प्रयास के दौरान भारत की वायु रक्षा प्रणाली की पहली परीक्षा हुई जिसमें वह सौ प्रतिशत अंकों से सफल हुई। हम आपको बता दें कि रूस की एस-400 के अलावा स्वदेशी आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली ने भी पाकिस्तानी हमलों से देश को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। आकाश मिसाइल को विकसित करने में 15 साल तो लगे ही थे साथ ही इसमें एक हजार वैज्ञानिकों और देश भर में स्थित कई रक्षा प्रयोगशालाओं के संयुक्त प्रयास भी लगे थे। इस प्रणाली ने पाकिस्तान के साथ पश्चिमी सीमाओं पर अपनी पहली युद्धक्षेत्र परीक्षा सफलतापूर्वक पास की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा भी है कि दुनिया ने देखा है कि कैसे पाकिस्तान के ड्रोन्स और पाकिस्तान की मिसाइलें, भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत की सशक्त वायु रक्षा प्रणाली ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया।

15 साल की मेहनत और मात्र 500 करोड़ की लागत से बनी आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली ने पहली ही ‘अग्नि परीक्षा’ में हासिल किये 100 प्रतिशत अंक
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