जोधपुर। भारत की अग्रणी टेलीकम्युनिकेशंस सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों में से एक भारती एयरटेल ने आज अपनी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) इकाई एयरटेल मनी लिमिटेड के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा की। यह कदम भारत में ऋण उपलब्धता की कमी को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एनबीएफसी सहायक कंपनी को आने वाले कुछ वर्षों में कुल 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी से सशक्त किया जाएगा। इसमें एयरटेल 70 प्रतिशत निवेश करेगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत राशि प्रमोटर समूह के माध्यम से भारती एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा निवेश की जाएगी।
भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा, “पिछले दो वर्षों में हमारे एलएसपी प्लेटफॉर्म की सफलता इस बात का प्रमाण है कि हम तकनीक, डेटा और ग्राहकों के भरोसे को जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालने में सक्षम हैं। हमने देश के सबसे भरोसेमंद और विस्तार योग्य डिजिटल क्रेडिट इंजनों में से एक तैयार किया है, जो लाखों लोगों तक उच्च गुणवत्ता वाला ऋण पहुंचा रहा है और यह उद्योग के उच्च मानकों पर खरा उतरा है। हमारा एनबीएफसी विस्तार इस मजबूत नींव को और मजबूत करेगा। यह दिखाता है कि हम एक अलग पहचान वाला और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल लोन कारोबार बनाना चाहते हैं, जो भरोसे, नई सोच और ज्यादा लोगों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने पर आधारित होगा।”
पिछले दो वर्षों में एयरटेल ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और एकीकृत चैनलों के आधार पर एक उच्च क्षमता वाला क्रेडिट इंजन विकसित किया है, जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे मजबूत लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (एलएसपी) मॉडल में से एक तैयार हुआ है।
यह प्लेटफॉर्म पहले ही बड़े स्तर पर अपनाया जा चुका है और अब तक 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित कर चुका है। सख्त जांच प्रक्रिया, संतुलित लोन प्रबंधन और रियल टाइम जोखिम निगरानी की वजह से लोन न चुकाने के मामले बेहद कम रहे हैं और उद्योग के सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप नियंत्रित रहे हैं।
भारत के तेजी से बढ़ते वित्तीय सेवा क्षेत्र में यह विस्तार इस बात का प्रमाण है कि एयरटेल अधिक से अधिक लोगों तक औपचारिक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने और अब तक वंचित रह गए ग्राहकों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।



