जयपुर। जयपुर में जलमहल के आसमान में भारतीय वायुसेना की ‘सूर्यकिरण एयरोबेटिक्स’ टीम का एयर शो हो रहा है। नाहरगढ़ की पहाड़ियों के पीछे से निकलकर 9 विमान जलमहल के ऊपर लगभग 1000 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा फॉर्मेशन बनाएंगे। सभी पायलट 18 मैन्युवर पेश करेंगे। महज 5 मीटर की दूरी रखकर पायलट हवाई कलाबाजियां दिखाएंगे। देश-दुनिया में 800 से ज्यादा एयर शो कर चुकी सूर्यकिरण टीम दो दिन (20 और 22 फरवरी) जयपुरवासियों को रोमांच, कौशल और देशभक्ति से सराबोर दृश्य दिखाने वाली है। एयर शो में सारंग टीम के पांच हेलिकॉप्टर भी करतब दिखाएंगे।
पिता का एयर शो देखने बेटा भी पहुंचा
सूर्यकिरण टीम के स्क्वॉड्रन लीडर संजेश सिंह का परिवार भी कार्यक्रम में मौजूद है। उनका बेटा सचित लाल रंग की यूनिफॉर्म पहन कर पहुंचा है। उनकी पत्नी दीक्षा ने कहा- आज प्रोग्राम में आने से पहले उन्हें छोटे-छोटे बच्चों ने बधाई और शुभकामनाएं दी थी। उनके पिता राजवीर सिंह ने कहा कि मैं खुद सेना से जुड़ा रहा हूं। आज बेटे को आकाश में उड़ता देखना यादगार रहेगा, क्योंकि पूरा जयपुर जलमहल से इसका गवाह बनेगा।
माता-पिता के पैर छूकर आया पायलट बेटा
विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ की मां पूनम वशिष्ठ ने कहा- मुझे बहुत खुशी है। सभी पायलट जयपुर में इतना अच्छा कार्यक्रम कर रहे हैं। मुझे बहुत गर्व हो रहा है। अंकित सुबह पिता और मेरे पैर छूकर निकला था। आज वह कार्यक्रम में सभी का सिर गर्व से ऊंचा करेगा।
एयरफोर्स स्कूल की टीचर 150 सदस्यों के साथ पहुंची
एयरफोर्स स्कूल की टीचर अंजू धाकड़ ने बताया कि हम करीब 150 मेंबर कार्यक्रम देखने पहुंचे हैं। हम सभी काफी एक्साइटेड हैं। हमारे लिए गर्व की बात है कि हम इस कार्यक्रम में मौजूद हैं।
सूर्यकिरण टीम के 9 पायलट में से 3 जयपुर के
सूर्यकिरण टीम के विंग कमांडर राजेश काजला जयपुर के मुरलीपुरा के रहने वाले हैं। इनका सीकर में जन्म हुआ है। इन्हें सुखोई-30 एमकेआई सहित विभिन्न फाइटर विमानों में 2800 घंटे से ज्यादा उड़ान अनुभव है। एचपीटी-32, किरण मार्क-1, पीसी-7 और मिग-21 जैसे विमान उड़ा चुके हैं। इनके पिता सूबेदार मेजर हरिराम काजला 11 गोरखा राइफल्स से रिटायर्ड हैं। राजेश काजला पिछले पांच साल से सूर्यकिरण टीम से जुड़े हुए हैं। उनका आज आखिरी शो है। पहला शो भी उन्होंने जयपुर में ही किया था। विंग कमांडर अंकित वशिष्ठ मानसरोवर के रहने वाले हैं। स्कूली पढ़ाई रयान इंटरनेशनल स्कूल से की। 2008 में एनडीए में चयन हुआ। वे उन अंतिम पायलटों में रहे हैं, जिन्होंने 2019 से पहले मिग-21 टी-75 उड़ाया। 2023 से सूर्यकिरण टीम का हिस्सा हैं और 70 से अधिक डिस्प्ले का अनुभव है। 1800 घंटे उड़ान अनुभव रखने वाले अंकित मिग-21 बाइसन, मिग-21 टाइप-75 और हॉक उड़ा चुके हैं। वे स्क्वैश और बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। स्क्वाड्रन लीडर संजेश सिंह का परिवार झोटवाड़ा में रहता है। पढ़ाई आर्मी स्कूल जयपुर और बी-टेक विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से की है। इनके पिता सेना से रिटायर्ड हैं और बड़े भाई लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। सूर्यकिरण टीम में वे 5वीं पोजिशन पर उड़ान भरते हैं। इससे पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर रह चुके हैं और सुखोई-30 के पायलट हैं। उन्हें दो हजार से ज्यादा घंटे का उड़ान अनुभव है।
एनसीसी कैडेट्स भी एयर शो देखने पहुंचे
एयर शो को देखने के लिए काफी संख्या में युवा और स्टूडेंट पहुंच रहे हैं। एंट्री गेट पर बिना पास या रजिस्ट्रेशन के एंट्री नहीं दी जा रही है। पुलिस और अन्य एजेंसियां सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर रही हैं। NCC कैडेट्स यहां इस शो को देखने के लिए आए हैं। आर्मी जुड़े लोग अपनी फैमिली के साथ आए हैं।
सारंग टीम के पांच हेलिकॉप्टर दिखाएंगे करतब
विंग कमांडर आदर्श ठाकुर ने बताया- सारंग पहली बार जयपुर में परफॉर्म कर रहा है। इस ऐतिहासिक शहर में हेलिकॉप्टर की जादुई दुनिया को दिखाने के लिए हम तैयार हैं। हमारा उद्देश्य आज के युवाओं को भारतीय वायुसेना के पराक्रम की जानकारी देना है और उन्हें सेवा से जोड़ना है। हमारे 5 हेलिकॉप्टर की टीम यहां जल महल के आकाश में करतब दिखाती नजर आएंगी।



