जयपुर। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगा राम पटेल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि गत वर्ष की बजट घोषणा के तहत चौहटन में अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किया जा रहा है। यहां अधिवक्ताओं के चैम्बर निर्माण के लिए उच्च न्यायालय से प्रस्ताव प्राप्त होने पर भू आवंटन की कार्रवाई की जाएगी। इसके पश्चात् संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर चैम्बरों के निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। विधि एवं विधिक कार्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक आदू राम मेघवाल द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रकरणों का लंबित होना और उनका निस्तारण करना न्यायिक अधिकारियों तथा राजस्थान उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार का विषय है। फिर भी राज्य सरकार न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में जितने नए प्रकरण दर्ज हुए हैं, उनसे अधिक मामलों का निस्तारण हुआ है। इससे अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पेंडेंसी को और कम किया जाए ताकि आमजन को शीघ्र और सुलभ न्याय मिल सके। मंत्री पटेल ने कहा कि न्यायिक संस्थाओं के विस्तार के लिए भी सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्षों में 2 डीजे न्यायालय खोले थे, जबकि वर्तमान सरकार ने 8 डीजे न्यायालय स्थापित किए हैं। इसी तरह पूर्व सरकार ने पांच साल में 1 सीजेएम न्यायालय खोला था, जबकि वर्तमान सरकार ने 8 सीजेएम न्यायालय खोले हैं। इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में विधि एवं विधिक कार्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में नवगठित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय, चौहटन में अधिवक्ताओं के चैम्बर्स निर्माण का कोई प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष विचाराधीन नहीं है। उन्होंने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्तमान में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय, चौहटन में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहीं सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में परिवादियों के लिए मानकों के अनुरूप न्यायालय भवन निर्मित है।
उच्च न्यायालय के प्रस्ताव के बाद चौहटन में अधिवक्ता चैम्बर बनेंगे – विधि एवं विधिक कार्य मंत्री
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