जयपुर। स्वायत्त शासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों के नवीन नगर निकायों के गठन के स्थगन निर्णय की अनुपालना के क्रम में इन नगर पालिकाओं के गठन की अधिसूचना को प्रत्याहरित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि इस कार्यवाही के पश्चात् सम्बंधित नगर पालिकाएं ग्राम पंचायत में परिवर्तित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों के नवीन नगर निकायों के गठन को उच्च न्यायलय में दायर विभिन्न याचिकाओं द्वारा चुनौती दिए जाने पर उच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों द्वारा इन नगर पालिका के गठन की अधिसूचना को स्थगित किया हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में क्षेत्र के आमजन एवं जनप्रतिनिधि द्वारा मांग किये जाने पर परिक्षण में अनुकूल रिपोर्ट प्राप्त होने पर इन नगर पालिकाओं के सम्बन्ध में विचार किया जाएगा।
स्वायत्त शासन राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 में किसी स्थानीय क्षेत्र को नगर पालिका घोषित जाने हेतु किये गए प्रावधानों के तहत जिला कलेक्टर से नगर पालिकाओं के गठन के लिए निर्धारित मानदंड में प्रस्ताव प्राप्त होने पर परिक्षण उपरांत नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत उस क्षेत्र को नगर पालिका घोषित किया जाता है।
उन्होंने जानकारी दी कि अनुसूचित क्षेत्रों में नगर पालिका घोषित करने के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव प्रेषित किये जाने पर उनके द्वारा भारतीय संविधान की अनुसूची 5 के भाग 2 के पैरा (5)1 के प्रावधानों के तहत इस संबंध में सार्वजनिक अधिसूचना द्वारा निर्देश दिये जाते हैं। उन्होंने बताया कि 4 नगर पालिकाओं को छोड़कर अन्य नगर पालिकाओं के गठन के लिए नियमानुसार राज्यपाल की सहमति नही ली गई। केंद्र सरकार की 19 मई, 2018 को जारी अधिसूचना के द्वारा प्रदेश के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ जिलों के साथ साथ उदयपुर, राजसमंद एवं सिरोही जिलों के कुछ क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्रों के रूप में पुनः परीक्षण किया गया है। उदयपुर जिले में सेमारी, सराडा-चावंड,खेरवाडा, झाडोल एवं ऋषभदेव को नगर पालिका बनाया गया। इसी तरह डूंगरपुर जिले में सीमलवाडा, बांसवाड़ा जिले में घाटोल, प्रतापगढ़ जिले में धरियावद एवं दलोट को नगर पालिका बनाया गया।
इससे पहले विधायक डॉ. दयाराम परमार के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में स्वायत्त शासन राज्यमंत्री ने जानकारी दी कि विगत पांच वर्षों में जनजाति क्षेत्र में ऋषभदेव, घाटोल, धरियावद, दलोट, सीमलवाडा, सेमारी, सराडा-चावंड, खेरवाडा एवं झाडोल नगर पालिकाएं खोली गई हैं।


