आज रवि पुष्य योग में बरसेगी खरीदारी की रौनक, सोना-वाहन और प्रॉपर्टी लेने का शुभ मौका

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जयपुर। दीपावली की तैयारियों के बीच बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। त्योहार से पहले ग्राहक सोने-चांदी के आभूषणों से लेकर नए वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं। इस बीच रविवार, 1 नवंबर को बन रहा रवि पुष्य योग खरीदारी के लिहाज से खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी रहेगा, जिससे दिन का महत्व और बढ़ गया है।

शुक्र ग्रह के 31 अक्टूबर की रात 11:55 बजे उदय होने के बाद शुभ खरीदारी के मुहूर्त शुरू हो चुके हैं। 1 नवंबर को सुबह 6:30 बजे से पुष्य नक्षत्र शुरू होकर 2 नवंबर की सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। रविवार के दिन इस नक्षत्र के पड़ने से रवि पुष्य योग बन रहा है। इसके साथ सप्तमी तिथि का संयोग भी दोपहर करीब 3 बजे तक रहेगा।

सोना-चांदी से लेकर मकान खरीदने तक का अवसर

रवि पुष्य योग को ज्योतिषीय परंपरा में खरीदारी, निवेश और नए काम की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन लोग सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर की जरूरत का सामान खरीद सकते हैं। इसके अलावा मकान-जमीन की खरीद, संपत्ति की रजिस्ट्री, नया कारोबार शुरू करने और बहीखाते खरीदने के लिए भी इस दिन को अच्छा माना जाता है।

त्योहार से पहले बाजारों में ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों, वाहन डीलरों और इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में तैयारियां की जा रही हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि शुभ मुहूर्त और दीपावली की खरीदारी का उत्साह बाजार को रफ्तार देगा।

आठ दिनों तक मिलेंगे खरीदारी के मौके

नवंबर के पहले आठ दिनों में अलग-अलग तिथियों पर खरीदारी के कई शुभ अवसर बताए गए हैं। इन दिनों में आभूषण, सोने-चांदी के सिक्के, बाइक, स्कूटर, कार, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और घरेलू सामान खरीदे जा सकेंगे। प्रॉपर्टी से जुड़े सौदों, रजिस्ट्री और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए भी अलग-अलग मुहूर्त रहेंगे।

खास बात यह है कि 6 और 7 नवंबर को धनतेरस के दो संयोग बन रहे हैं। धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदने की परंपरा के कारण इन दोनों दिनों में बाजारों में अच्छी भीड़ रहने की उम्मीद है।

रवि पुष्य योग से शुरू हो रहे खरीदारी के इस दौर में दीपावली तक बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल बनी रहने की संभावना है। व्यापारियों को उम्मीद है कि शुभ मुहूर्त और त्योहार की तैयारियों के चलते इस बार खरीदारी का उत्साह कारोबार को नई गति देगा।

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