जयपुर। आमजन एवं किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान तथा उन्हें समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग डॉ. समित शर्मा ने आज बुधवार को हेल्पलाइन— 181 कॉल सेंटर पहुंचकर सहकारिता विभाग से संबंधित परिवादों की स्थिति एवं उनके निस्तारण की समीक्षा की।
डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त, पंजीकरण एवं पुनः सत्यापन से संबंधित परिवादों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा प्रत्येक परिवाद पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डीग जिले के परिवादी भगवानदास से बात की, परिवादी ने बताया कि उन्होंने किसान सम्मान निधि योजना में आवेदन किया है परंतु छह माह से योजना की किस्त प्राप्त नहीं हुई है। डॉ. शर्मा ने संबंधित अधिकारी से बात कर इसके निस्तारण के आदेश दिए।
इसी प्रकार, दौसा जिले के परिवादी प्रेमराज ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके द्वारा पूर्व भूमि स्वामी से संबंधित विवरण अपडेट किया गया था। परन्तु तहसील स्तर पर पुनः सत्यापन नहीं होने से उन्हें योजना की शेष किस्तों का लाभ नहीं मिल सका है। डॉ. शर्मा ने तहसीलदार से बात कर तत्काल समस्या का समाधान करने को कहा।
उन्होंने सवाई माधोपुर जिले के परिवादी मुकेश की खाद अनुपलब्धता तथा झालावाड़ जिले के परिवादी मेरवां की गेहूं की उपज का पंजीकरण करवाने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने की शिकायतों को भी संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हेल्पलाइन पर 98.56 प्रतिशत परिवादों का निस्तारण—
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन पर सहकारिता विभाग से संबंधित अब तक कुल 2,01,393 परिवाद दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1,98,493 परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है, जो कुल परिवादों का 98.56 प्रतिशत है। परिवादों के निस्तारण में औसतन 13 दिन का समय लग रहा है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त प्राप्त नहीं होने से संबंधित 1,74,732 परिवाद दर्ज हुए हैं। इनमें से 1,72,647 परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है। इसी प्रकार पंजीकरण एवं पुनः सत्यापन से संबंधित 3,166 परिवादों में से 2,998 का निस्तारण किया गया है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने राजस्थान संपर्क एआई की कार्यप्रणाली एवं उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि संपर्क एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि परिवादों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं तेज बनाया जा सके। निरीक्षण एवं बैठक के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



