राजस्थान में बारिश से बदला मौसम, सुबह-शाम बढ़ी ठंड

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जयपुर। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुई बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। कई जिलों में तेज हवा के साथ हुई बरसात के बाद सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ गई है। दिन के तापमान में भी छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ गई है। अक्टूबर के मध्य में मौसम के इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में कटी हुई फसल के बारिश से खराब होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर, जोधपुर, अजमेर, पाली, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, टोंक और करौली सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। करौली में शुक्रवार सुबह झमाझम बरसात हुई, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। राजधानी जयपुर में भी बारिश के बाद आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहा।

बारिश और बादलों के असर से प्रदेश के कई शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। अलवर, बीकानेर और फतेहपुर में दिन के तापमान में करीब छह डिग्री तक की कमी आई।

अलवर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि माउंट आबू में पारा 27.7 डिग्री मापा गया।

राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं, रात के समय पिलानी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री मापा गया। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी गर्मी का असर कम रहा। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री और चित्तौड़गढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश में अब बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम साफ रहने की संभावना है। आगामी चार से पांच दिनों के दौरान तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दिन के समय गर्मी का असर फिर बढ़ेगा। हालांकि, सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बनी रह सकती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम दिनों और नवंबर के पहले सप्ताह में पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी होने पर उत्तर भारत की ओर से ठंडी हवाएं राजस्थान तक पहुंच सकती हैं। इससे प्रदेश के तापमान में करीब पांच डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।

ऐसे में आने वाले दिनों में राजस्थान में सर्दी धीरे-धीरे जोर पकड़ सकती है।

बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं खेतों में कटी पड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। जिन क्षेत्रों में फसल कटाई के बाद खेतों या खुले स्थानों पर उपज रखी है, वहां बरसात से परेशानी बढ़ सकती है।

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