जेजेएम घोटाला : पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

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जयपुर। राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में न्यायिक हिरासत में चल रहे पूर्व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज मामले में जोशी को नियमित जमानत प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद पूर्व मंत्री करीब 5 महीने जेल में बिताने के बाद रिहा होंगे।

जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सुनाया फैसला सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने 12 अक्टूबर को दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को पीठ ने सुरक्षित आदेश सुनाते हुए महेश जोशी की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
7 मई को एसीबी ने घर से किया था गिरफ्तार
जल जीवन मिशन में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर जारी करने और कमीशनखोरी के आरोपों की जांच कर रही राजस्थान एसीबी ने 7 मई की सुबह महेश जोशी को उनके जयपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। तब से वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे।
ईडी केस में भी सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत
गौरतलब है कि जेजेएम घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें 24 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था। उस दौरान लगभग 7 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत हासिल हुई थी। ईडी के बाद एसीबी द्वारा की गई कार्रवाई में भी अब देश की सर्वोच्च अदालत से राहत मिलने के बाद महेश जोशी के जेल से बाहर आने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।

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