हिरासत से रिहा होने के बाद केजरीवाल बोले, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जब तक इस्तीफा नहीं देते, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। केजरीवाल का यह बयान पुलिस स्टेशन से रिहा होने के बाद आया है। शनिवार को दिल्ली में सीजेपी के प्रोटेस्ट कॉल के दौरान विरोध दर्ज कराने के लिए केजरीवाल को उनकी पार्टियों के विभिन्न नेताओं के साथ हिरासत में लिया गया था। पूर्व सीएम ने पुलिस थाने से एक वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि पुलिस ने हमें जाफरपुर थाने में हिरासत में लिया है और थाने के बाद लोगों की भीड़ जुट गई है। ऐसा लगता है कि यह जगह भी जंतर-मंतर बन चुकी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए पुलिसकर्मियों की संख्या बल पर तंज कसते हुए कहा कि यहां तो 10 से 15 पुलिसकर्मी भी नहीं हैं। बाहर इतनी संख्या में लोग मौजूद हैं। मुझे लगता है कि सरकार के पास हमें हिरासत में रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी।
केजरीवाल ने इसके बाद एक और वीडियो शेयर किया। वीडियो में केजरीवाल थाने से बाहर आते दिखे। वे एक कार पर सवार थे और अपने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।
दूसरी ओर मुंबई में करीब 600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, हालांकि हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन कर रहे तुषार गांधी के संगठन के सदस्य और सीपीआई (एम) के समर्थक समेत 400 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। वंचित बहुजन आघाडी के कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई की गई।
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने करीब 7 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया। तुषार गांधी मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।
तुषार गांधी के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने सुबह करीब 11 बजे उन्हें हिरासत में लिया और डीएन नगर पुलिस स्टेशन ले गई। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे मेडिकल चेकअप कराने के बहाने उन्हें डीएन नगर से बाहर ले जाया गया और वहांं से बोरीवली पुलिस स्टेशन लेकर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय बोरीवली पुलिस स्टेशन क्यों लाया गया है, तो एक अधिकारी ने जवाब दिया कि डीएन नगर में लोगों की भीड़ बढ़ रही थी, इसलिए उन्हें वहां से हटाकर बोरीवली पुलिस स्टेशन लाया गया।

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