जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के अकालग्रस्त बाड़मेर क्षेत्र में किसानों और पशुपालकों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लगातार फसल खराब होने, पशुधन के लिए चारे-पानी की कमी और रोजगार के संकट से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे हालात में सरकार को राहत कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए।
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बालासर और मुंगरेरिया में बारिश के अभाव में बुवाई नहीं हो पाई है। वहीं, बारिश नहीं होने के कारण फसलें चौपट हो गई हैं। बाड़मेर-जैसलमेर सीमा पर स्थित म्याजलार क्षेत्र में पशुधन पानी की तलाश में रेतीले धोरों में भटक रहा है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में चारे-पानी की कमी के साथ रोजगार का संकट भी गंभीर समस्या बनता जा रहा है।
रोजगार संकट से पलायन की आशंका
पूर्व मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर समाप्त होने का सीधा असर किसानों और पशुपालकों पर पड़ेगा। इससे लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है और पलायन जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा के स्थान पर लागू की गई नई व्यवस्था वीबी-जी रामजी के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में काम शुरू किया जाना चाहिए, ताकि जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार मिल सके।
44 गांवों में चारा डिपो के प्रस्तावों को मंजूरी का इंतजार
गहलोत ने गडरारोड़, शिव और रामसर क्षेत्रों के 44 गांवों में चारा डिपो स्थापित करने के प्रस्तावों को अब तक सरकारी मंजूरी नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अकाल जैसी परिस्थितियों में पशुधन को बचाने के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। ऐसे में सरकार को लंबित प्रस्तावों पर जल्द निर्णय लेकर प्रभावित गांवों में राहत पहुंचानी चाहिए।
राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील
गहलोत ने सरकार से आग्रह किया कि वह राहत कार्य शुरू करने में अनावश्यक देरी न करे। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोजगार, चारे और पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रहे फीडबैक के आधार पर सरकार का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को समय पर राहत मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट के माध्यम से सरकार से अकाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की गति बढ़ाने और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कदम उठाने का आग्रह किया है।



