जंतर-मंतर पर आज फिर प्रदर्शन का आह्वान, अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर से बड़े आंदोलन का किया ऐलान

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गांधी जयंती पर धरपकड़ के बाद छात्र संगठनों व विपक्षी दलों ने फिर भरी हुंकार; जंतर-मंतर पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान: 10 अक्टूबर से चुनाव आयोग और मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ चरणबद्ध देशव्यापी आंदोलन
नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में सियासी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2 अक्टूबर को आप प्रदेशाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज सहित कई नेताओं व छात्रों की हिरासत के बाद, विभिन्न छात्र व सामाजिक संगठनों ने आज एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुटने और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र नेता अभिजीत दीपके ने इस मुद्दे को लेकर आगामी 10 अक्टूबर से राष्ट्रव्यापी स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है।
प्रदर्शन की ताजा कॉल को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) ने लुटियंस दिल्ली और संसद मार्ग की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर चौकसी और बढ़ा दी है।
धारा 163 लागू: दिल्ली पुलिस का सख्त रुख
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 पूरी तरह से प्रभावी है:
किसी भी जमावड़े पर रोक: पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, धरना, मार्च, भाषण या नारेबाजी की इजाजत नहीं दी जाएगी।
बैरिकेडिंग और निगरानी: जंतर-मंतर, पटेल चौक, जनपथ और संसद मार्ग की ओर जाने वाली सड़कों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। संदिग्ध गतिविधियों और बसों-मेट्रो के जरिए पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अभिजीत दीपके का ऐलान: 10 अक्टूबर से आर-पार का आंदोलन
इस बीच आंदोलनकारी युवा और सामाजिक नेतृत्व की ओर से मामले को लंबी लड़ाई में बदलने की रूपरेखा सामने आई है:
छात्र नेता अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि चुनाव आयोग की कथित पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली और लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के विरोध में 10 अक्टूबर से व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिसिया तंत्र और धारा 163 का डर दिखाकर जनता और छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन यह विरोध अब रुकने वाला नहीं है।
इस आंदोलन के तहत देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, छात्र संघों और सामाजिक मंचों को एक साथ जोड़कर चुनाव सुधारों और पारदर्शी मतदाता सूची की मांग को लेकर दबाव बनाया जाएगा।
इंडिया ब्लॉक और अन्य संगठनों का चरणबद्ध प्लान
जंतर-मंतर पर लगातार बन रहे तनाव के बीच विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) का पूर्व घोषित कार्यक्रम भी जारी है:
2 से 8 अक्टूबर: देश भर के सभी जिला मुख्यालयों पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) मार्च।
6 अक्टूबर: विपक्षी सांसदों द्वारा नई दिल्ली में निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) तक प्रस्तावित विरोध मार्च।
मुंबई कनेक्शन: मुंबई के शिवाजी पार्क से शुरू हुए विरोध के बाद महाराष्ट्र और दिल्ली के बीच आंदोलन का तालमेल और गहराने की संभावना है।
लुटियंस दिल्ली में लगातार दूसरे दिन छावनी जैसा माहौल है, जहां पुलिस किसी भी हाल में प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर जमने नहीं देने की रणनीति पर काम कर रही है।

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