-इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल से बढ़ा क्रूज पर्यटन का दायरा, 300 मीटर बर्थ और आधुनिक सुविधाओं से पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव
विशाखापट्टनम। समुद्र किनारे बसे विशाखापट्टनम में पर्यटन का एक नया रास्ता अब समुद्र से होकर गुजर रहा है। शहर में विकसित इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल के जरिए विशाखापट्टनम को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रूज पर्यटन के प्रमुख पड़ाव के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सितंबर 2023 में शुरू हुए इस टर्मिनल से पूर्वी तट पर क्रूज पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार मिला है। क्रूज जहाजों से आने वाले पर्यटकों के जरिए शहर के पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
4,580 वर्गमीटर में आधुनिक क्रूज टर्मिनल
विशाखापट्टनम पोर्ट में करीब 4,580 वर्गमीटर क्षेत्र में इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल विकसित किया गया है। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए लाउंज, कस्टम, इमिग्रेशन और क्वारंटीन काउंटर, बैगेज हैंडलिंग, स्कैनिंग, सुरक्षा जांच, कॉन्कोर्स, रेस्टोरेंट, मनोरंजन और खरीदारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं, मुद्रा विनिमय, सीसीटीवी और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं भी टर्मिनल का हिस्सा हैं।
300 मीटर लंबा क्रूज बर्थ
क्रूज टर्मिनल की प्रमुख विशेषताओं में करीब 300 मीटर लंबा क्रूज बर्थ शामिल है। यहां क्रूज जहाजों के ठहरने के साथ यात्रियों के उतरने-चढ़ने की सुविधा उपलब्ध है। बंदरगाह से शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों तक यात्रियों को पहुंचाने की व्यवस्था क्रूज पर्यटन का अहम हिस्सा है।
जहाज से उतरते ही पर्यटन का सफर
विशाखापट्टनम की भौगोलिक स्थिति क्रूज पर्यटन के लिहाज से खास है। शहर में समुद्र तट के साथ पहाड़ी और धार्मिक पर्यटन के विकल्प भी मौजूद हैं। क्रूज यात्रियों के लिए आरके बीच, कैलासगिरी, याराडा बीच, सिम्हाचलम और अराकू घाटी जैसे पर्यटन स्थल आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। क्रूज जहाज के ठहराव के दौरान यात्रियों को स्थानीय पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के लिए अलग-अलग टूर पैकेज विकसित किए जा सकते हैं।
स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा फायदा
क्रूज पर्यटन का असर केवल पोर्ट और टर्मिनल तक सीमित नहीं रहता। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और स्थानीय परिवहन, टूर ऑपरेटर, स्थानीय गाइड, हस्तशिल्प और खरीदारी जैसे क्षेत्रों को कारोबार के अवसर मिल सकते हैं। क्रूज यात्रियों के लिए स्थानीय पर्यटन पैकेज तैयार होने से शहर के छोटे-बड़े कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है।
क्रूज भारत मिशन से बढ़ी संभावनाएं
भारत में क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर 2024 में क्रूज भारत मिशन शुरू किया। मिशन के तहत क्रूज यात्रियों की संख्या बढ़ाने, नए क्रूज रूट विकसित करने और बंदरगाहों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में देश में 272 क्रूज कॉल और 4.92 लाख क्रूज यात्री दर्ज किए गए। मिशन का लक्ष्य वर्ष 2029 तक समुद्री क्रूज यात्रियों की संख्या को 10 लाख तक पहुंचाना है।
पूर्वी तट पर महत्वपूर्ण पड़ाव
विशाखापट्टनम देश के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है जहां क्रूज टर्मिनल की सुविधा विकसित की गई है। पूर्वी तट पर इसकी स्थिति और आसपास मौजूद समुद्र तट, पहाड़, धार्मिक स्थल तथा प्राकृतिक पर्यटन स्थल इसे क्रूज यात्रियों के लिए आकर्षक पड़ाव बनाते हैं। क्रूज टर्मिनल को इन पर्यटन स्थलों से जोड़ने पर यात्रियों के लिए कम समय में विशाखापट्टनम की विविधता देखने का अवसर मिल सकता है।
समुद्र से आने वाले पर्यटकों का नया प्रवेश द्वार
विशाखापट्टनम की पहचान लंबे समय से समुद्र, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन से जुड़ी रही है। अब इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल शहर के लिए समुद्र से आने वाले पर्यटकों का नया प्रवेश द्वार बन रहा है। आधुनिक यात्री सुविधाओं, 300 मीटर के क्रूज बर्थ और आसपास के पर्यटन स्थलों से कनेक्टिविटी के साथ क्रूज पर्यटन के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। आने वाले समय में क्रूज जहाजों और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है तो इसका असर स्थानीय पर्यटन, सेवा क्षेत्र और रोजगार के अवसरों पर भी दिखाई दे सकता है।



