जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में काली बाई भील (उड़ान) योजना से संबधित विभागों की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा लाभार्थियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण नैपकिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए है। उन्होंने वितरण सुनिश्चित करने तथा भविष्य में निर्बाध आपूर्ति के लिए संभाग स्तर पर एक से अधिक कंपनियों को कार्य सौंपने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने तथा नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने संबधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद एवं आपूर्ति की आगामी व्यवस्था को समयसीमा में पुरा करते हुए योजना का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। योजना के तहत 10 से 45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं एवं किशोरियों को प्रतिमाह निःशुल्क 2 पैकेट सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान में विद्यालयों में 22,38,834, आंगनवाड़ियों में 97,65,564 तथा अस्पतालों एवं अन्य माध्यमों से 2,84,250 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड, वित्त विभाग की संयुक्त शासन सचिव डॉ. भारती दीक्षित, प्रबंधन निदेशक श्री पुखराज सैन सहित अन्य मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने काली बाई भील (उड़ान) योजना की प्रगति की समीक्षा की
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