जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनावों के शोरगुल के बीच भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष की 4 सितम्बर को प्रस्तावित जयपुर यात्रा ने राजस्थान भाजपा के नेताओं में सियासी हलचल मचा दी है। संतोष एक दिन की यात्रा के दौरान प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ समेत सभी प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान उनका राजस्थान भाजपा की कोर कमेटी की बैठक लेने का कार्यक्रम भी है।
संतोष की इस यात्रा से सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा की राजस्थान इकाई में सबकुछ ठीक नहीं है? क्या भजन सरकार के कामकाज और सत्ता-संगठन में समन्वय को लेकर दिल्ली पहुंची किसी रिपोर्ट ने भाजपा नेतृत्व को चिंता में डाला है? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालात का जायजा लेने के लिए संतोष को जयपुर भेजा है या फिर ये सिर्फ एक औपचारिक संगठनात्मक बैठक है?
संतोष का जयपुर दौरा ऐसे समय हो रहा है जब टिकट वितरण को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष है, कई जगह बगावत के स्वर सुनाई दे रहे हैं और दूसरी तरफ भजनलाल शर्मा सरकार के कामकाज को लेकर भी पार्टी के भीतर और बाहर सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा हालांकि संतोष के दौरे को सामान्य बता रही है, लेकिन मौजूदा हालात में यह दौरा सियासी मायनों में काफी अहम है। इसे राजस्थान भाजपा और भजन सरकार के हैल्थ चैकअप का सबब माना जाना चाहिए। देखना होगा कि संतोष इस दौरान किस नेता से अलग मुलाकात करते हैं…पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से उनकी क्या बात होती है…इस दौरे का क्या राजनीतिक संदेश निकलता है।



