सोल । दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बुधवार को दावा किया कि कई रूसी सैन्य विमान मंगलवार को दक्षिण कोरिया के पूर्वी समुद्री क्षेत्र के ऊपर उसके एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (केएडीआईजेड) में दाखिल हुए। रक्षा विभाग के अनुसार ये थोड़ी देर बाद ही वापस लौट गए। योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि जेसीएस ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। इसके मुताबिक, रूसी विमान दक्षिण कोरिया के सबसे पूर्वी द्वीप डोकडो और नजदीकी उल्लुंगदो द्वीप के आसपास केएडीआईजेड में दाखिल हुए। दक्षिण कोरियाई सेना ने विमानों की गतिविधि को पहले ही भांप लिया था और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया। हालांकि, दक्षिण कोरियाई सेना ने स्पष्ट किया कि रूसी विमानों ने देश के वास्तविक हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया। केएडीआईजेड किसी देश का संप्रभु हवाई क्षेत्र नहीं होता, बल्कि विदेशी विमानों से अपनी पहचान बताने के लिए बनाया गया एक क्षेत्र है, ताकि हवाई टकराव जैसी आकस्मिक घटनाओं को रोका जा सके। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अमेरिका ने हाल ही में दक्षिण कोरिया और जापान के साथ ‘फ्रीडम एज’ त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास की तैयारी की पुष्टि की है।
इससे पहले जून में भी करीब 10 चीनी और रूसी सैन्य विमान दक्षिण कोरिया के केएडीआईजेड में दाखिल हुए थे और कुछ समय बाद वहां से निकल गए थे। उस घटना के बाद सोल ने चीन और रूस के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
जून से पहले पिछले साल दिसंबर में चीन और रूस के नौ सैन्य विमान केएडीआईजेड में दाखिल हुए थे। 2019 से, दोनों देश संयुक्त अभ्यास के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के साल में एक या दो बार अपने सैन्य विमान केएडीआईजेड में भेजते रहे हैं।

दक्षिण कोरिया का दावा, ‘रूसी सैन्य विमानों ने उसके एयर डिफेंस जोन में की घुसपैठ’
ram


