जयपुर/जैसलमेर। केन्द्रीय पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सीमावर्ती जैसलमेर जिले में आमजन को निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित विभागों की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी रखते हुए लोगों तक समय पर पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जाए एवं विद्युत आपूर्ति को भी सुचारु बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। शुक्रवार को अपने एक दिवसीय जैसलमेर प्रवास के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में केन्द्रीय मंत्री ने जिले की पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं राहत प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विभागीय अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें ताकि किसी भी क्षेत्र में आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, फलोदी विधायक पब्बाराम बिश्नोई, समाजसेवी दलपत हिंगड़ा सहित जलदाय, विद्युत एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन संरक्षण को दें सर्वाेच्च प्राथमिकता
केन्द्रीय मंत्री श्री शेखावत ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि सभी पशु खेलियों को नियमित रूप से भरवाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में पशुधन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए किसी भी स्थिति में पशुओं को पानी की कमी नहीं होने दी जानी चाहिए। उन्होंने वर्तमान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए जलदाय एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे जिले में जलापूर्ति की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा जहां कहीं भी जल संकट की स्थिति हो, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
वर्षा नहीं होने की स्थिति में राहत प्रबंधन की रखें पूरी तैयारी
बैठक में केन्द्रीय मंत्री ने संभावित अल्पवृष्टि की स्थिति को देखते हुए राहत प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर पशु शिविर एवं चारा डिपो संचालित करने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व तैयारी के साथ सुनिश्चित की जाएं ताकि पशुपालकों एवं ग्रामीणों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मोहनगढ़ जलापूर्ति व्यवस्था के स्थायी समाधान पर करें कार्य
केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि मोहनगढ़ जिले की पेयजल व्यवस्था का प्रमुख स्रोत है। आंधियों के दौरान विद्युत टावर एवं पोल क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति प्रभावित होती है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान विद्युत उत्पादन एवं प्रसारण निगम के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना तैयार की जाए, ताकि राज्य सरकार के स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियां लेकर दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पेयजल एवं विद्युत जैसी मूलभूत सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करता है, इसलिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करें।
जनसुनवाई में सुनी आमजन की समस्याएं
बैठक के उपरांत केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आमजन से प्राप्त प्रार्थना-पत्र स्वीकार किए एवं संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार प्राथमिकता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर पेयजल, विद्युत एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी समस्याएं एवं सुझाव प्रस्तुत किए। केन्द्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी एवं सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जैसलमेर जिले में पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष फोकस दें अधिकारी – केन्द्रीय पर्यटन मंत्री
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