यूसीसी पर जनता से सुझाव ले रही राजस्थान सरकार, समन्वय से बनेगा कानून : मदन राठौड़

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नई दिल्ली। राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारियों पर भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख मदन राठौड़ ने कहा है कि पूरे देश के लिए एक ही कानून होना चाहिए। भेदभावरहित कानून बने, इसके लिए समन्वय के साथ आगे बढ़ेंगे। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने आईएएनएस से कहा, “पूरे देश के लिए एक ही कानून होना चाहिए। आजादी के समय भी यह मांग उठी थी कि भारत में एक समान कानून बनाया जाए। इस दिशा में लगातार कोशिशें होती रही हैं। हमने उन राज्यों से ड्राफ्ट लिए हैं, जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया गया है और लोगों की राय जानने के लिए उनके बीच गए हैं।” उन्होंने कहा, “राजस्थान सरकार जनता से सुझाव मांग रही है कि किन समुदायों में किस प्रकार की व्यवस्थाएं हैं। हम आपस में समन्वय करके, कितना समायोजन उसमें हो सकता है, उसको देखते हुए एक कानून बनाना चाहते हैं। यह भजनलाल सरकार का एक सकारात्मक प्रयास है। भेदभावरहित कानून बने, इसके लिए समन्वय के साथ आगे बढ़ेंगे। सुझावों को जितना शामिल किया जा सकता है, उतना करेंगे।”
इसी बीच, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद मदन राठौड़ ने कहा, “यह सच है कि जब से नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं, वे लगातार भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं। इस दिशा में देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।”
मदन राठौड़ ने कहा, “रणनीतिक नजरिए से भी हम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को देख सकते हैं। जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हुआ था, तब आतंकवादियों को सबक सिखाया और आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया गया। पहले सुनने को मिलता था कि अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को टारगेट करके मारा, लेकिन अब भारत भी एक बटन से आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर देता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने आज तकनीकी सफलता हासिल की है। पहले बाहर से हथियार खरीदे जाते थे, लेकिन हमने ‘ब्रह्मोस’ व ‘अस्त्र’ जैसे अपने शस्त्र बनाए और आज इन शस्त्रों को दूसरे देशों को बेचने की स्थिति में हम पहुंच चुके हैं। इन हथियारों को दूसरे देश खरीदने के लिए आतुर हैं। यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व में हासिल हुई है।
जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग पर उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को सफलतापूर्वक हल किया है। पहले इस क्षेत्र में अक्सर आतंकवादी घटनाएं होती थीं, लेकिन आज ऐसी घटनाएं काफी कम हो गई हैं। युवा अब पत्थर नहीं फेंक रहे हैं। उन्होंने कलम थाम ली है। वे शिक्षा हासिल कर रहे हैं और व्यापार में लग गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिला है।”
उन्होंने कहा कि मांग करना दूसरे दलों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस विषय पर क्या करना होगा, इस पर केंद्र सरकार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगी।

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