चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा है कि शिक्षा के उन्नयन के लिए समाज का सहयोग अत्यंत प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। भामाशाहों के सहयोग से जिले में शिक्षा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हो रही हैं। जिला कलक्टर सुराणा सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित मातुश्री कमला गोयनका टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2026 में संबोधित कर रहे थे। समारोह में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सहयोग प्रदान करने वाले भामाशाहों एवं प्रेरकों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में स्थानीय स्तर की अनेक समस्याओं का समाधान संभव हो रहा है। गत शैक्षणिक सत्र में जिले के शिक्षा विभाग को भामाशाहों के माध्यम से 8 करोड़ रुपये से अधिक का सहयोग प्राप्त हुआ, जो समाज की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है। सुराणा ने कहा कि भामाशाह व स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक समय—समय पर विद्यालयों का अवलोकन करें और बच्चों से जीवन अनुभव साझा करते हुए नई पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करें। भावी पीढ़ी को अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाया जाए और विद्यालय स्तर पर ही बच्चों को बेहतर कैरियर संभावनाओं के बारे में जागरूकता मिले। विशिष्ट वक्ता ओम सारस्वत ने कहा कि चूरू जिला शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ से अर्जित धन को परोपकार और शिक्षा जैसे लोककल्याणकारी कार्यों में लगाना सबसे बड़ा पुण्य है। शिक्षा आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी भारत के निर्माण का मजबूत आधार है और सभी के सामूहिक प्रयासों से चूरू को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाया जा सकता है। सीडीईओ संतोष महर्षि ने समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिले में भामाशाहों के सहयोग से संचालित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर गोविंद सिंह राठौड़, डॉ महेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) किशनलाल गहनोलिया, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ओमप्रकाश प्रजापत, डाइट प्राचार्य देवकरण सहित अन्य अतिथियों ने भी शिक्षा में समाज की भागीदारी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में जिले के राजकीय विद्यालयों के भौतिक और अकादमिक सुदृढ़ीकरण में 1 लाख से अधिक आर्थिक योगदान देने वाले 66 भामाशाह एवं 24 भामाशाह प्रेरकों का सम्मान किया गया। इसी क्रम में राज्य स्तर पर 13 भामाशाह व 07 प्रेरकों को भी सम्मानित किया गया। सुरेंद्र महला ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस दौरान अर्जुन सिंह, हरिप्रसाद शर्मा, रामनिवास पूनिया, इकबाल हसन गौरी, ओमप्रकाश बारूपाल, प्रेमसिंह इंदा, संजीव धेतरवाल, मनोज नेहरा, रामप्रसाद परिहार, महेंद्र नाई, गुगन जांगिड़, दिनेश स्वामी, प्रकाश शर्मा, धर्मेंद्र सोलंकी, चंद्र प्रकाश, पल्लवी, विजेंद्र पूनियां, शिवदत यादव सहित अन्य उपस्थित रहे। संचालन रणवीर धींधवाल ने किया।

शिक्षा के उन्नयन के लिए समाज का सहयोग प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय : सुराणा
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