प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण—गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने में पीएमएसएमए की ऐतिहासिक उपलब्धि, मंगलवार को 4120 पीएमएसएमए सत्रों का आयोजन

ram

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रारम्भ किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सफलता के 10 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर मंगलवार को प्रदेशभर के राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पीएमएसएमए सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रसवपूर्व जांच, परामर्श एवं उपचार सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल के रूप में स्थापित हुआ है। इस अभियान के माध्यम से देशभर में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की 7 करोड़ 50 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं। इसके सकारात्मक परिणामों से देश एवं प्रदेश में मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला से गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से अपने निकटतम राजकीय स्वास्थ्य संस्थान में आयोजित पीएमएसएमए सत्र में पंजीयन कराकर निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की अपील की है। नियमित जांच से गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख में प्रसवपूर्व जांच, आवश्यक परामर्श, रक्त जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान तथा उपचार सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9, 18 एवं 27 तारीख को आयोजित किया जाता है। अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में राजकीय चिकित्सकों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों का भी सहयोग लिया जा रहा है, जिससे गर्भवती महिलाओं को समय पर विशेषज्ञ परामर्श एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान संभव हो रही है, जिससे उनके सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ मातृत्व के लिए प्रभावी प्रबंधन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, जुड़वां गर्भावस्था सहित अन्य चिकित्सकीय जटिलताओं का समय पर उपचार एवं निगरानी अभियान की बड़ी उपलब्धि है। राठौड़ ने बताया मंगलवार को प्रदेशभर में आयोजित हुए 4120 पीएमएसएमए सत्रों में लगभग 60 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांचें की गयीं, मा-वाउचर योजना के तहत् 13 हजार 211 गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी के कूपन जारी किये गये और निर्धारित लेवल से कम हीमोग्लोबिन वाली 3 हजार 800 से अधिक गर्भवतियों को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज (एमसीएम) इंजेक्शन की निशुल्क डोज लगायी गयी। उन्होंने बताया कि अभियान संचालन की गतिविधियों के निरीक्षण के लिए राज्यस्तरीय, जिलास्तरीय व ब्लॅाक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की गयी जिनमें 1 हजार 369 वर्चअल मॉनिटरिंग व 176 भौतिक निरीक्षण शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *