जयपुर। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाशराव अभितकर एवं वरिष्ठ अधिकारियों का दल राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनाई जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज, नवाचार एवं विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का अध्ययन करने गुरूवार को जयपुर पहुंचा। यहां स्वास्थ्य भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाओं, आधारभूत ढांचे एवं स्वास्थ्य मानकों में इनसे आए सुधार के बारे में विस्तार से जानकारी ली और कहा कि राजस्थान का स्वास्थ्य मॉडल बेहतरीन और अनुकरणीय है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने राजस्थान में चलाई जा ही मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक दूरदर्शी और अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने कहा कि आमजन को इलाज खर्च की चिंता से मुक्त रखने और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में यह योजना मील का पत्थर है। उन्होंने प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में बेहतरीन कार्य कर रही है। यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी और अनुकरणीय है। महाराष्ट्र सरकार भी इन योजनाओं एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बैठक में अवगत कराया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को एकीकृत करते हुए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना संचालित की जा रही है, जिसमें करीब 1 करोड़ 36 लाख परिवार पंजीकृत हैं। उन्हें 25 लाख रूपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। करीब 10 हजार लोग प्रतिदिन इस योजना का लाभ ले रहे हैं। राजस्थान देश में सर्वाधिक स्वास्थ्य बीमा कवर देने वाला राज्य है। यहां करीब 90 प्रतिशत आबादी स्वास्थ्य बीमा से कवर है। इससे प्रदेश का हर नागरिक इलाज खर्च की चिंता से मुक्त हुआ है। उन्होंने प्रदेश में विगत वर्षों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए सुधारों से स्वास्थ्य मानकों में आए सुधार के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में तुलनात्मक रूप से काफी कमी आई है। प्रदेश राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
देशभर में सर्वाधिक मिल्क बैंक एवं एलएमयू राजस्थान में
राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में गांव—ढाणी तक स्वास्थ्य का मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया गया है। करीब 23 हजार चिकित्सा संस्थान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का काफी सुदृढ़ किया गया है। एफसीएम इंजेक्शन जैसे नवाचारों से प्रदेश में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का प्रभावी उपचार किया जा रहा है। नवजात शिशुओं के लिए 28 मिल्क बैंक एवं 40 स्थानों पर लेक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट स्थापित किए गए हैं। राजस्थान देशभर में इस लिहाज से अग्रणी है। उन्होंने राज्य में कैंसर सहित अन्य गैर संक्रामक रोगों से बचाव के लिए प्रदेश में किए जा रहे नवाचारों से भी अवगत कराया।
डिजिटल हेल्थ सेवाओं में भी प्रदेश अग्रणी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल करने की दिशा में भी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है। प्रदेश 7 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाकर देश में दूसरे स्थान पर है। बड़े चिकित्सा संस्थानों में रोगियों को कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। उन्होंने वृद्धजनों के लिए रामाश्रय वार्ड, डायबिटीज के लिए मिशन मधुहारी, एनीमिया से बचाव के लिए पिंक पखवाड़ा, स्वस्थ जीवन शैली के लिए निरामय राजस्थान, लीवर रोगों से बचाव के लिए मिशन लीवर स्माइल जैसे नवाचारों की भी जानकारी दी।
नि:शुल्क दवाओं की सर्वाधिक संख्या
राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के प्रबंधन एवं क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में हर व्यक्ति को पूरी तरह नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर बीमारियों तक की करीब 1822 दवाएं आवश्यक दवा सूची में शामिल हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। आरएमएससीएल इन दवाओं की केंद्रीकृत खरीद एवं आपूर्ति सुनिश्चित करता है। हमारी खरीद की दरें देश में लगभग सबसे कम रहती है। औषधियों के भण्डार के लिए 40 ड्रग वेयर हाउस हैं। क्वालिटी कंट्रोल का एक प्रभावी मैकेनिज्म अपनाया गया है, ताकि दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो। वर्तमान में करीब 1500 करोड़ रूपए की दवाएं प्रतिवर्ष आमजन को उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
मा योजना देश की एक यूनिक स्कीम
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्यारेंस एजेंसी की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह देशभर में एक यूनिक स्कीम है, जो सामान्य बीमारी से लेकर रोबोटिक सर्जरी तक कैशलेस उपचार प्रदान करती है। योजना पूरी तरह आईटी आधारित है ताकि रोगियों को सुगमता से उपचार मिले। योजना में इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी जैसा नवाचार किया गया है, ताकि प्रदेश के नागरिक देश के दूसरे राज्यों में और दूसरे राज्यों के नागरिक राजस्थान में सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज ले सकते हैं।
चिकित्सा संस्थानों का भी किया अवलोकन
दल ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं का चिकित्सा संस्थानों में जाकर भी अवलोकन किया। दल ने हवा सड़क स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं बनीपार्क सेटेलाइट अस्पताल का अवलोकन किया। उन्होंने इन चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं एवं गुणवत्ता को सराहा। महाराष्ट्र से आए दल में विशेषाधिकारी डॉ. स्वपनिल सांगले एवं डॉ. सागर पाटिल सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं अधिकारियों का राजस्थान दौरा—प्रदेश की स्वास्थ्य योजनाओं एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज का किया अध्ययन
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