वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान का चूरू में हुआ शुभारंभ, जल पूजन, पीपल पूजन व दीपदान के साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में जल संस्कृति सजीव हो रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान’ का सोमवार को चूरू जिले में सेठाणी का जोहड़ा में आयोजित कार्यक्रम में शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल का विशेष महत्व रहा है और गंगा दशमी का यह दिन भी विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मान्यता अनुसार आज ही के दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और बिगड़ते पर्यावरणीय हालात के बीच जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना जरूरी है। प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश सरकार हमारी समृद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। ग्रामीण विकास शासन सचिव व चूरू जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि चूरू जिले के परिप्रेक्ष्य में जल संरक्षण और भी अधिक महत्वपूर्ण है। चूरू मरुस्थलीय जिला होने के कारण यहां जल स्रोतों को संरक्षण अधिक आवश्यक हो जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान चलाया गया है। हम सभी इस अभियान में अधिकतम भागीदारी करें और अपने परंपरागत जल स्रोतों का संरक्षण व संवर्धन करें। चूरू जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन अभियान बनाने की दिशा में प्रभावी कदम है। इस दौरान अतिथियों ने जल पूजन, पीपल पूजन व दीपदान के साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया और महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर जल संरक्षण का संदेश दिया।

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