जन आंदोलन बनेगा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान‘25 मई ‘गंगा दशमी‘ से होगा भव्य शुभारंभ

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जयपुर। ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026‘ का प्रदेशव्यापी भव्य शुभारंभ 25 मई (गंगा दशमी) से होगा। यह अभियान जल संग्रहण और संरक्षण के लिए जन जागृति से जन आंदोलन बनेगा। ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को शासन सचिवालय में तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें कर्मभूमि से मातृभूमि और जल संचय जन भागीदारी अभियान की प्रगति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में विद्यालय शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर, जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री संजय शर्मा और पंचायती राज व ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री ओटा राम देवासी शामिल हुए। ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में जल संरक्षण और स्वच्छता का अभियान जल आंदोलन बनेगा। सामूहिक प्रयासों के लिए अभियान में सभी दलों, विचारकों, सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगपतियों, धार्मिक संस्थाओं और प्रत्येक व्यक्ति को जोडा जाए। सभी विभाग समन्वय से कार्यों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि सभी जिला प्रभारी सचिव अपने जिलों में रहेंगे। डॉ. मीणा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के वितरीत प्रभावों से बचाव के लिए अभियान और हरियालो राजस्थान में अधिकाधिक पौधारोपण कराएं। यह अभियान पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने में भी सहायक सिद्ध होगा। इसमें राजीविका से जुड़ी महिलाओं को भी जोड़े। हर गांव में कलश यात्राएं निकालकर पीपल पूजन, प्रभात फेरी जैसे कार्यक्रम होने चाहिए, उसी से भावनात्मक जुड़ाव होगा और जनजागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा अभियान में दौरान किसानों को ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) की गतिविधियों की जानकारी भी दी जाए। इसमें देश-विदेश में उन्नत कृषि, जल प्रबंधन, फसल विविधीकरण जैसे नवाचारों को बढ़ावा देने आदि के बारे में बताएं। ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री ने कहा कि गत वर्ष अभियान में 1.32 करोड़ महिलाओं सहित 2.53 करोड़ नागरिकों की सहभागिता रही। इस बार और अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण से भू-जल रिचार्ज होता है। वनस्पतियां पनपती हैं। वनस्पतियों से प्राणवायु मिलती है और पर्यावरण सुरक्षित रहता है। इससे ही जीवन का संतुलन बना रहता है। बैठक में विद्यालय शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि नागरिकों को जल संरक्षण के फायदों के बारे में भी जानकारी देनी चाहिए, इसी से ही अभियान गति पकड़ेगा। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि अभियान में युवाओं खासकर विद्यार्थियों को अधिकाधिक जोडें। परम्परागत जल स्त्रोतों की सफाई कराएं, जिससे मानसून में लबालब हो। वाटर हार्वेस्टिंग के लिए भी लोगों को जागरूक करें। घरों में वाटर स्ट्रक्चर बनाने वालों को सम्मानित करें, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें। वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री संजय शर्मा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान को एकजुट होकर सफल बनाएं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक और वर्ष 2025 में 11.55 करोड़ से अधिक पौधारोपण किया गया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। इस वर्ष विभिन्न जिलों में चंदन के पौधे भी लगाए जाएंगे। पंचायती राज व ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री ओटा राम देवासी ने कहा कि यह अभियान भविष्य के लिए जल-जंगल संरक्षण में आमजन का एक अतिमहत्वपूर्ण अभियान है। बारिश से पहले ही सभी जल स्त्रोतों की सफाई की जाए।
जल संचय जल भागीदारी अभियान में 2 लाख 33 हजार 854 कार्य पूर्ण
बैठक में जल संचय जल भागीदारी अभियान के कार्यों पर भी चर्चा हुई। जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अभय कुमार ने अभियान में राज्य की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जल भंडारण क्षमता बढ़ाने एवं भू-जल पुनर्भरण के लिए विभिन्न जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में कुल 2 लाख 67 हजार 837 कार्यों में से 2 लाख 33 हजार 854 कार्य पूर्ण और 33 हजार 983 प्र्रगतिरत हैं। ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री ने निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।
कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान में 19 हजार जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण
बैठक में भू-जल विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री हेमंत कुमार गेरा ने कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में गिरते भू-जल की रोकथाम के लिए जन सहभागिता से व्यर्थ बहने वाले वर्षा जल की एक-एक बूंद का संचयन, संग्रहण व भू-जल पुनर्भरण करना लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 86.78 करोड़ रुपए की जनभागीदारी से 5 हजार के लक्ष्य पर 17093 और वर्ष 2026-27 (अब तक) में 5 हजार के लक्ष्य पर 2064 जल संरचनाएं बनाई गई हैं। ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री ने अभियान के तहत प्रवासी राजस्थानियों को आंदोलन से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण गुप्ता, विद्यालय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश कुमार यादव सहित सम्बंधित विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2025 की उपलब्धियां
– 5 जून से 25 जून तक अभियान
– 1.32 करोड़ महिलाओं सहित 2.53 करोड़ नागरिकों की सहभागिता
– 1 लाख 2100 से अधिक स्थानों पर आमजन द्वारा श्रमदान
– 2 करोड़ 47 लाख 40 हजार 188 मानव दिवस सृजित महानरेगा अंतर्गत
– 3 करोड़ 42 लाख से अधिक पिट खोदे गए हरियालो राजस्थान अभियान में पौधारोपण हेतु
– 4 हजार 560 रिचार्ज शॉफ्ट कर्मभूमि से मातृभूमि योजना में बनाए गए
– 42 हजार 200 से अधिक जल स्त्रोतों की सफाई
– 18 हजार 900 पूर्ण कार्यों का अवलोकन व लोकार्पण
– 5 हजार 600 नवीन कार्य प्रारंभ हुए
– 73 हजार 900 विभिन्न कार्यालयों, अस्पतालों एवं विद्यालयों की साफ-सफाई
– 12 हजार 222 मैजिक पिट/सोक पिट स्वच्छ भारत मिशन के तैयार
– 9 हजार 800 कलश यात्राएं
– 13 हजार 600 ग्राम सभाएं
– 6 हजार विभिन्न प्रकार की चौपाल
– 14 हजार 800 छोटी बैठकें व सेमिनार आयोजित
– 1300 मीडिया कॉन्फ्रेंस एवं भ्रमण
– 6800 प्रभात फेरियां

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