जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ईंधन खपत में संयम बरतने की अपील के क्रम में सहकारिता विभाग भी अपनी विशेष पहल के माध्यम से इसमें अपना योगदान दे रहा है। शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार समित शर्मा की पहल पर विभाग की अधिकांश बैठकें अब वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की जा रही हैं, जिससे वाहनों के अनावश्यक आवागमन में कमी आने से ईंधन की बचत हो रही है। विभाग द्वारा शासन सचिवालय स्थित शासन सचिव के कक्ष में आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग सिस्टम स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से नियमित समीक्षा बैठकें, योजनाओं की प्रगति की मॉनिटरिंग, विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा तथा प्रशासनिक निर्देश ऑनलाइन माध्यम से दिए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बार-बार सचिवालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे समय, धन एवं श्रम की भी बचत हो रही है। इस पहल से न केवल जयपुर स्थित अधिकारियों को सुविधा मिली है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत अधिकारी भी सीधे वीसी के माध्यम से बैठकों में भाग ले रहे हैं। इससे दूरस्थ जिलों से यात्रा करने की आवश्यकता कम हुई है। इसी प्रकार, राजस्थान सहकारी अधिनियम, 2001 की धारा 104 व 107 के अंतर्गत की जाने वाली अपील निगरानी प्रकरणों की सुनवाई भी अब वीसी के माध्यम से की जा रही हैं। इन प्रकरणों में अब राजकीय अधिकारियों द्वारा वीसी के माध्यम से अपना पक्ष रखा जा रहा है। वहीं, अन्य सुनवाइयां भी वीसी के माध्यम से शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। शासन सचिव डॉ. शर्मा ने कहा कि विभाग डिजिटल एवं स्मार्ट प्रशासन की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इससे कम संसाधनों में अधिक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भी आह्वान किया है कि अधिकाधिक बैठकों का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया जाए जिससे ईंधन, समय और संसाधनों की बचत हो सके।
ईंधन बचत एवं स्मार्ट प्रशासन की दिशा में सहकारिता विभाग की पहल वीडियो कॉंफ्रेन्स के माध्यम से आयोजित हो रही अधिकांश विभागीय बैठकें
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