उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

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जयपुर। उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों के कोशल को बढ़ाकर उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाना है। इस दिशा में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PMUSHA) के तहत किए जा रहे विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि PM—USHA की रैंकिंग के अनुसार प्रदेश की रैकिंग देश में प्रथम 5 में रही। उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में बजट घोषणा 2025-26 की क्रियान्विति के लिए उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग में संचालित स्वामी विवेकानंद छात्रवृति, स्कूटी वितरण योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, विभिन्न संस्थाओं द्वारा उच्च तकनीकी विभाग के साथ किए एमओयू की जमीनी स्तर पर हो रही प्रगति की जानकारी ली। बैठक में राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के विस्तार और प्रबंधन के लिए राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी (राजसेस) की कार्ययोजना की समीक्षा की। साथ ही, डॉ बैरवा ने राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक और अशैक्षणिक रिक्त पदों को शीघ्र भरने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी विश्वविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी शिक्षा के लिए अत्याधुनिक अधोसंरचना का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तकनीकी क्षेत्र में हो रहे स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी विश्वविद्यालयों में अनुकूल वातावरण विकसित किया जाए। साथ ही स्टार्टअप्स को आवश्यक मार्गदर्शन, संसाधन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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