आयुष सेवाओं के डिजिटलीकरण एवं वेलनेस हब के रूप में विकसित होगा राजस्थान- उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा

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जयपुर। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयुष विभाग (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी) की योजनाओं एवं प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, राष्ट्रीय आयुष मिशन, बजट घोषणाओं एवं संकल्प पत्र के क्रियान्वयन, विभागीय योजनाओं, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026, पदोन्नति, शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर भर्ती तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने कहा कि आगामी कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत आयुष विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। डिजिटल आयुष मिशन के तहत ई-औषधि पोर्टल सहित आयुष सेवाओं का पूर्ण डिजिटलीकरण एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आईएचएमएस पोर्टल के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत क्रियान्वयन एवं डेटाबेस प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने सभी स्वीकृत एवं लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि राजस्थान को आयुष सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म एवं वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान के प्रमुख आयुर्वेदिक महत्व वाले पर्यटन स्थलों पर पीपीपी मोड पर विशेष आयुष वेलनेस केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश को आयुष वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जा सके। अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालयों के माध्यम से नए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित है। उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने हीटवेव को देखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने, चिकित्सालयों में चिकित्सकों एवं औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, होम्योपैथिक दवाओं की नियमित आपूर्ति बनाए रखने तथा नवीन आयुष चिकित्सालय भवनों के निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयसीमा के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर राज्य, जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आंचल प्रसूता केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं को औषधीय गुणों से युक्त पौष्टिक लड्डुओं का वितरण जुलाई 2026 से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। बैठक में चिकित्सालयों के क्रमोन्नयन, नवीन औषधालयों की स्थापना तथा प्रगतिरत बजट घोषणाओं की समीक्षा भी की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2025 से आयुष के 20 नए पैकेज जोड़े गए हैं। इसके तहत अब तक 84 आयुर्वेद चिकित्सालयों को पैनल में शामिल किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणाओं के तहत वर्ष 2026-27 में आयुर्वेद के 4 जिला चिकित्सालय एवं 30 ब्लॉक स्तरीय इकाइयां, होम्योपैथी के लिए 1 फार्मेसी एवं ड्रग टेस्टिंग लैब तथा 1 जिला चिकित्सालय और यूनानी पद्धति के 2 जिला चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे। बैठक में चिकित्सा संवर्ग पदोन्नति, आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के एकीकृत महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों पर भर्ती तथा 8 नवीन जिलों में सहायक निदेशक कार्यालयों के स्थान पर उपनिदेशक आयुर्वेद कार्यालय स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बैठक में विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार ने बताया कि विभाग की कुल 24 बजट घोषणाओं में से 10 पूर्ण हो चुकी हैं, 6 प्रगतिरत हैं तथा 8 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ अधिकाधिक आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विभाग के एम्बेसडर ‘आयु’ के माध्यम से ऑडियो-वीडियो संदेश प्रसारित कर आयुर्वेद के लाभों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत राज्य ने वित्तीय प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन किया है तथा आईएचएमएस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी समय में राजस्थान आयुर्वेद एवं आयुष सेवाओं के क्षेत्र में रोल मॉडल के रूप में उभरेगा। बैठक में विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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