लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश में ‘मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया’ सक्रिय है, जो लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने में लगा है। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई सकारात्मक काम नहीं है और वह केवल समाज में नफरत, विभाजन और टकराव की राजनीति कर रही है। लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए विपक्षी दलों और जनता को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में वोटर सूची से नाम हटाने और फॉर्म-7 के जरिए विपक्षी मतदाताओं को प्रभावित करने का सुनियोजित खेल चल रहा है। 2019 में जिन लोगों ने मतदान किया, उनमें से कई मतदाताओं के नाम 2022 में सूची से गायब कर दिए गए थे।
अखिलेश यादव ने ईवीएम पर भी सवाल उठाए और कहा कि विकसित देशों में आज भी बैलेट पेपर से मतदान हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमारी मांग बैलेट पेपर से चुनाव कराने की रहेगी। आने वाले चुनाव में हम भाजपा को ईवीएम से हराकर ईवीएम हटाने का काम करेंगे।”
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख ने कहा कि कई शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सपा प्रमुख ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करते थे, उन्होंने कानून व्यवस्था को ही ‘जीरो’ कर दिया है। एनसीआरबी के आंकड़े सरकार की विफलता की गवाही दे रहे हैं।
अखिलेश यादव ने घोषणा की कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महाराणा प्रताप जयंती पर दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। साथ ही गोमती रिवर फ्रंट पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसमें चेतक और स्वर्ण भाला भी दर्शाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर केजी से पीजी तक लड़कियों की शिक्षा मुफ्त की जाएगी और गरीबों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने भाजपा को ‘दरारवादी पार्टी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष समाज में विभाजन पैदा कर राजनीतिक लाभ लेना चाहता है। सपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से 2027 के चुनाव के लिए अभी से तैयार रहने का आह्वान किया।

भाजपा बना चुकी है मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया, ईवीएम से हराकर ईवीएम हटाएंगे : अखिलेश यादव
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