नई दिल्ली। गर्मियों का सीजन हो और रसीले आमों की बात न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। तपती धूप और उमस भरे मौसम में जब कुछ ठंडा और मीठा खाने का मन करे, तो मैंगो कस्टर्ड से बेहतर और क्या होगा? यह न केवल बनाने में आसान है, बल्कि बच्चों से लेकर बड़ों तक सबका पसंदीदा होता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर कस्टर्ड या तो बहुत पतला हो जाता है या उसमें गुठलियां पड़ जाती हैं, लेकिन फिक्र न करें। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी परफेक्ट रेसिपी, जिससे आपका मैंगो कस्टर्ड एकदम बाजार जैसा गाढ़ा, क्रीमी और मखमली बनेगा।
मैंगो कस्टर्ड बनाने के लिए सामग्री
दूध: 500 मिली (फुल क्रीम दूध हो तो ज्यादा अच्छा)
चीनी: आधा कप (स्वाद के अनुसार)
कस्टर्ड पाउडर: 2 बड़े चम्मच
पके हुए आम का पल्प (गूदा): 1 कप
बारीक कटे हुए आम के टुकड़े: सजावट के लिए
ड्राई फ्रूट्स: काजू, बादाम और पिस्ता (इच्छा अनुसार)
मैंगो कस्टर्ड बनाने की विधि
सबसे पहले एक भारी तले वाले बर्तन में दूध निकालें और उसे धीमी आंच पर उबलने के लिए रख दें। जब दूध में एक उबाल आ जाए, तो उसमें चीनी डाल दें और धीरे-धीरे चलाते रहें ताकि चीनी पूरी तरह घुल जाए।
कस्टर्ड में गुठलियां तभी पड़ती हैं जब आप पाउडर को सीधे गर्म दूध में डाल देते हैं। इसके बजाय, एक छोटी कटोरी में थोड़ा सा ठंडा दूध लें और उसमें 2 चम्मच कस्टर्ड पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। ध्यान रहे कि इसमें एक भी गांठ न रहे।
अब तैयार किए हुए कस्टर्ड के घोल को उबलते हुए दूध में धीरे-धीरे डालें। एक हाथ से घोल डालें और दूसरे हाथ से दूध को लगातार चलाते रहें। इसे 3-4 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। आप देखेंगे कि दूध गाढ़ा होने लगा है। जब यह गाढ़ा हो जाए, तो गैस बंद कर दें और इसे पूरी तरह ठंडा होने दें।
जब कस्टर्ड का मिश्रण कमरे के तापमान पर आ जाए, तब इसमें आम का पल्प मिलाएं। ध्यान रखें कि गरम कस्टर्ड में आम का गूदा न डालें, वरना स्वाद बिगड़ सकता है। अब इसे अच्छी तरह फेंट लें ताकि आम और कस्टर्ड एक-जान हो जाएं।
3 टिप्स से बढ़ जाएगा स्वाद
परफेक्ट सर्विंग: कस्टर्ड को कम से कम 2-3 घंटे के लिए फ्रिज में रखें। ठंडा होने के बाद इसका स्वाद दोगुना हो जाता है।
गार्निशिंग: परोसते समय ऊपर से कटे हुए आम के टुकड़े, अनार के दाने और ड्राई फ्रूट्स डालें। यह दिखने में जितना सुंदर लगेगा, खाने में उतना ही क्रंची।
कंसिस्टेंसी: अगर कस्टर्ड ज्यादा गाढ़ा हो जाए, तो थोड़ा-सा ठंडा दूध मिलाकर उसे ठीक किया जा सकता है।



