नई दिल्ली। ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर 14 से 18 अप्रैल तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह उनकी न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं।
पहली एशिया यात्रा पर स्टॉकर
इस यात्रा के दौरान चांसलर स्टॉकर के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा, जिसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और पर्यटन से जुड़े मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।
अहम मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और स्टॉकर के बीच होने वाली वार्ता में ऊर्जा, व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर विशेष फोकस रहेगा। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
जयशंकर से मुलाकात
15 अप्रैल को चांसलर स्टॉकर एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। यह बैठक नई दिल्ली के होटल इम्पीरियल में होगी, जहां द्विपक्षीय और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।
पीएम मोदी से वार्ता
16 अप्रैल को वे राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।
राष्ट्रपति से शिष्टाचार मुलाकात
उसी दिन शाम को चांसलर स्टॉकर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे।
कूटनीतिक रिश्तों को मिलेगा बढ़ावा
इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने और नए क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने पर जोर रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी उनके सम्मान में औपचारिक भोज का आयोजन भी करेंगे।
भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई दिशा
भारत और ऑस्ट्रिया के संबंध लंबे समय से सौहार्दपूर्ण रहे हैं। जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रिया यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में नई गति आई थी, और यह दौरा उसी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



