बाल मुकुन्द ओझा
यह कहावत पाकिस्तान पर सटीक बैठती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो हफ्ते का अस्थायी सीजफायर कर लिया। मिडिल ईस्ट में युद्ध रोकने के प्रस्ताव को अमेरिका और ईरान ने कुछ शर्तों के साथ स्वीकार कर लिया बताया। सीजफायर के लिए पाकिस्तान को क्रेडिट दिया जा रहा है। जो देश खुद बर्बादी के कगार पर खड़ा है वह सीजफायर का क्रेडिट ले रहा है यह बेहद आश्चर्यजनक है। यह रहष्य तो भविष्य के गर्भ में छिपा है। कहा जा रहा है अमेरिका ने सीजफायर का जो ड्राफ्ट तैयार कर पाकिस्तान को भेजा उसे पाक के हुक्मरानों ने ज्यों का त्यों जारी कर दिया। अभी कई प्रकार के ना नुकुर चल रहे है। अमेरिका और ईरान दोनों सीजफायर को अपनी अपनी जीत बता रहे है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को व्हाइट हाउस ने खुद सीजफायर का प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाने के लिए कहा था। यानी पाकिस्तान स्वतंत्र मध्यस्थ नहीं, बल्कि अमेरिका का संदेशवाहक बनकर काम कर रहा था। सीजफायर भी विवादों में फंसी है। एक दूसरे पर सच्चा और झूठा साबित किया जा रहा है।
मगर यहाँ हम बात कर रहे है बड़बोले पाकिस्तान की। मिडिल ईस्ट युद्ध ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह नष्ट भ्रस्ट करके रख दिया है। महंगाई का दावानल पाकिस्तान को निगल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान इस समय भीषण आर्थिक संकट और महंगाई की दोहरी मार झेल रहा है। मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के कारण पैदा हुए तेल संकट ने पाकिस्तान में भारी उथल-पुथल मचा दी है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार ने एक तरह से नागरिकों को रात 8 बजे ही सोने की सलाह दे दी है। पेट्रोलियम की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ पाकिस्तानी अवाम सड़क पर उतर आई है। कराची, जैकबाबाद, हैदराबाद, सुक्कुर और सिंध प्रांत के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने प्रदर्शन किया और रैलियां निकालीं। ईंधन और गैस बचाने के उद्देश्य से, पाकिस्तान सरकार ने 7 अप्रैल से देशभर के अधिकांश हिस्सों में बाजारों और शॉपिंग मॉल्स को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए उठाया गया है। पेट्रोल की कीमत 378 पीकेआर और डीजल की कीमत 520 पीकेआर प्रति लीटर हो रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने अब आम जनता की कमर तोड़ दी है। विशेष रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ईंधन महंगा होने का सीधा असर परिवहन और रोजमर्रा की जरूरी चीजों पर दिखने लगा है। पंजाब के 38 जिलों में किए गए एक हालिया सर्वे के डरावने आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इंटरसिटी बस किरायों में 30 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। माल ढुलाई की बात करें तो किराए में 32 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छोटे ट्रकों के किराए में जहाँ 12 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं बड़े ट्रेलरों के किराए में कुछ इलाकों में 13 से लेकर 100 प्रतिशत तक की भारी उछाल देखी गई है। कोट अद्दू जैसे इलाकों में ट्रेलर का किराया दोगुना हो गया है, जबकि झंग, पाकपट्टन और रावलपिंडी जैसे शहरों में भी किराए 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। पाक नागरिक त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे है और सेना प्रमुख मुनीर राष्ट्रपति ट्रम्प को खुश करने के लिए दलाल की भूमिका अदा करने में जुटे है। पाकिस्तान बार बार मध्यस्थता की पेशकश कर रहा था और ईरान उसकी कोशिशों को खारिज कर रहा है। दूसरी तरफ दिल्ली में चर्चा इस बात की है कि पाकिस्तान जिस तरह से मध्यस्थ की भूमिका में आना चाहता है तो क्या भारत का किनारे से खड़ा देखना एक बड़ी गलती है? पाकिस्तान हर हाल में खुद को मध्यस्थ के तौर पर देखना चाहता था। शहबाज सरकार की अंदरूनी राजनीति के लिए ये फायदेमंद है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते इस्लामाबाद ने तेहरान को 15 सूत्रीय शांति योजना पहुंचाई थी और बातचीत की मेजबानी की पेशकश की थी जिसे ईरान ने सिरे से ठुकरा दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान की भूमिका को “दलाली” कहकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 1981 से ही ऐसी भूमिका निभाता आ रहा है जिसमें अमेरिका और तालिबान के बीच हुई बातचीत भी शामिल है। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि “हम अलग-अलग देशों के पास जाकर यह नहीं पूछते फिरते कि हम किस तरह की दलाली कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान और चीन ने मिलकर फारस की खाड़ी और मध्य पूर्व के लिए एक पांच सूत्रीय शांति पहल का प्रस्ताव रखा। इसमें युद्ध को तुरंत रोकने और बातचीत शुरू करने पर जोर दिया गया। अन्तोगत्वा अमेरिका ने पाकिस्तान के शासकों को अपने कब्जे में लेकर सीजफायर की पोस्ट जारी करवाई।

घर में नहीं दाने अम्मा चली भुनाने
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