असम चुनाव से पहले गरजे नितिन नबीन, बोले- चुनाव आते ही घूमने लगते हैं पार्ट टाईम नेता

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सिलचर में विपक्षी नेताओं की आलोचना करते हुए उन्हें अंशकालिक राजनीतिज्ञ बताया जो केवल चुनाव के दौरान ही सामने आते हैं। उन्होंने इसकी तुलना भाजपा नेतृत्व से की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह पूर्णकालिक रूप से काम करता है और क्षेत्रीय विकास के लिए समर्पित है। एक जनसभा में बोलते हुए नितिन नबीन ने कहा कि मैं इन दिनों देख रहा हूँ कि चुनाव नजदीक आने के कारण कुछ अंशकालिक नेता आ गए हैं और इधर-उधर घूम रहे हैं। भाजपा के नेता और नेतृत्व पूर्णकालिक रूप से काम करते हैं। वे हर समय इस क्षेत्र की जनता के प्रति समर्पित होकर काम करते हैं… आप ऐसी सरकार बनाने जा रहे हैं जो 2047 तक असम को विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

नितिन नबीन ने कहा कि आज यहां साफ दिख रहा है कि असम की जनता ने पूरा मन बना लिया है कि 4 मई को फिर से भाजपा-एनडीए की सरकार बनेगी। असम सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर के विकास का एक द्वार है। जिसको हम सभी के नेता पीएम नरेन्द्र मोदी जी ने ईशान कोण कहते हैं और ईशान कोण से जब विकास की किरणें निकलती हैं, तो पूरे देश को विकास की रोशनी से ऊर्जावान करती हैं। हर घर में खुशहाली आए, हर घर में विकास की रोशनी पहुंचे, हमारे गरीब परिवार के चेहरे पर खुशी पहुंचे, इसका प्रयास हमारी सरकार ने हमेशा किया है। चाहे पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना हो, पीएम आवास योजना हो… हर योजना के माध्यम से गरीबों का सशक्तिकरण करने का काम हुआ है।

विपक्ष पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में उनके नेता कहते थे कि केंद्र से 1 रुपए चलता है तो गरीबों के पास सिर्फ 15 पैसे ही पहुंचता है। लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में जनधन खातों व डीबीटी के माध्यम से हर गरीब के पास पूरा का पूरा पैसा पहुंचता है। अब बिचौलिया का कोई स्थान नहीं है। हम सिर्फ सत्ता पाने के लिए चुनाव नहीं लड़ते हैं, बल्कि हम चुनाव इसलिए लड़ते हैं ताकि आम लोगों के जीवन में बदलाव ला पाएं। क्योंकि हमारी सरकार का संकल्प है- हर गरीब के घर में विकास की रोशनी पहुंचाना।

उन्होंने कहा कि हम असम को अविचल, यानी शांति के साथ अडिग असम चाहते हैं। हम असम को अग्रगामी, यानी जिसमें विकास निरंतर भाव से चलता रहे, ऐसा बनाना चाहते हैं। पहले असम की चर्चा हिंसा, अपराध और अशांति के लिए होती थी, और आज असम की चर्चा नई उम्मीदों के लिए, नई पहचान के साथ, नई उड़ान के लिए हो रही है। पहले असम के युवाओं को शिक्षा के लिए, रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन हमारी सरकार ने दर्जनों मेडकिल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोले। आज इसका परिणाम है कि हमारा असम का युवा असम में ही पढ़ाई कर रहा है। हमने तय किया है कि आने वाले समय में असम के हर जिले में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलेंगे, ताकि असम के युवाओं को बाहर नहीं जाना पड़े।

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