बाल मुकुंद ओझा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं। मोदी ने अमेरिका और ब्रिटेन जैसे शक्तिशाली देशों के राष्ट्रपतियों को लोकप्रियता के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। समूची दुनिया में तहलका मचने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सूची के टॉप-10 में जगह नहीं बना सके और उन्हें केवल 39 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली। पिछले कई सालों से मोदी दुनिया के नेता नंबर वन बने हुए है। मॉर्निंग कंसल्ट की यह रेटिंग सात दिन के मूविंग एवरेज पर आधारित होती है, जो वैश्विक नेताओं की लोकप्रियता का एक प्रमुख संकेतक मानी जाती है। मोदी 68 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ सबसे लोकप्रिय नेता बनने का रिकार्ड फिर हासिल किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी की यह रेटिंग उनकी जन कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत विदेश नीति का परिणाम है। आर्थिक अस्थिरता के दौर में भी भारत की विकास दर को बनाए रखना उनकी लोकप्रियता का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता आज भी सातवें आसमान पर है। वे भारत ही नहीं अपितु दुनियां के सबसे ज्यादा पॉपुलर नेताओं में से एक है। अमेरिकी डेटा एनालिटिक्स फर्म मॉर्निंग कंसल्ट के ताजा सर्वे के मुताबिक, पीएम मोदी को 68 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली है। जिसके चलते वे दुनिया के शीर्ष नेताओं की सूची में पहले स्थान पर बने हुए हैं। यह सर्वे 2 से 8 मार्च के बीच किया गया था, जिसमें विभिन्न देशों के वयस्कों की राय के आधार पर यह रैंकिंग तैयार की गई। खास बात यह है कि लगातार तीसरी बार सत्ता में रहने के बावजूद पीएम मोदी की लोकप्रियता में कोई खास गिरावट नहीं आई है,जो उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक लम्बा और बेमिसाल सफर पूरा करने वाली यह शख्सियत नरेन्द्र दामोदर दास मोदी आज ग्लोबल लीडर के रूप में अपनी पहचान कायम करने में सफल हुए है। मोदी में गजब का आत्मविश्वास है। प्रखर और कुशल वक्ता के रूप में उनकी राष्ट्रीय पहचान है। लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने में उन्होंने अपने नेता अटल बिहारी को भी पीछे छोड़ दिया है। भाजपा के लगभग सभी नेताओं ने उनके करिश्माई नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है जिनमें वरिष्ठ नेता भी शामिल है।
पिछले लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी 240 सीटें लाकर भी नेशनल रैंकिंग में हिंदुस्तानियों के सबसे पसंदीदा लीडर हैं। वहीं, 25 वर्ल्ड लीडर्स की इंटरनेशनल रैंकिंग में नरेंद्र मोदी इस वक्त भी टॉप पर हैं। मोदी ने हाल ही में भारतीय राजनीति में एक और बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को मिलाकर उन्होंने कुल 8,931 दिनों का नेतृत्व पूरा कर लिया है और अब वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रमुख बन गए हैं।
गौरतलब भारत में पक्ष और विपक्ष का विवाद इतना गहरा हो गया है जितना संभवत भारत चीन या भारत पाक के बीच भी नहीं है। सत्ताच्युत कांग्रेस किसी भी हालत में मोदी को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। हाल ही संपन्न लोक सभा चुनावों में कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों ने मोदी पर व्यक्तिगत हमले किये मगर जनता ने उन्हें नकार दिया। भाजपा के सत्तारूढ़ होने के बाद और अनेक सर्वेक्षणों में लोगों ने मोदी की बादशाहत स्वीकार की मगर कांग्रेस है की इसे मानने को कतई तैयार नहीं है। यह उनकी हठधर्मिता है या हार की बोखलाहट जो आज तक पचा नहीं पाए है।
ऐसा भी नहीं है मोदी ने अपनी जीवन यात्रा में केवल सफलता के सोपान ही तय किये है। कुछ राजनीतिक टीकाकारों का कहना है आर्थिक मोर्चे सहित नोटबंदी, बेरोजगारी, कालेधन की वापसी, बढ़ती महंगाई और किसान आंदोलन जैसे मुद्दे मोदी की लोकप्रियता में पैबंद का काम करते है।
-बाल मुकुंद ओझा



