जयपुर। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने रविवार को कोटा से जयपुर जाते समय टोंक स्थित विश्व प्रसिद्ध मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी-फारसी शोध संस्थान (एपीआरआई) का अवलोकन किया। मुख्य सचिव कैलाग्राफी प्रदर्शनी, अरबी-फारसी और कई भाषाओं के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक दुर्लभ ग्रन्थों को देखकर अभिभूत हुए। इस दौरान जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने संस्थान की कार्यप्रणाली, डिजिटाइजेशन हुए हस्तलिखित ग्रन्थों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व मुख्य सचिव के आगमन पर संस्थान में पुलिस के जवानों की ओर गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास को जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान एडीएम रामरतन सौकरिया, सीईओ परशुराम धानका, संस्थान के निदेशक भूपेन्द्र यादव, एडीएम मालपुरा विनोद कुमार मीना, एसडीएम टोंक हुक्मीचंद रोहलानिया, पुलिस उपाधीक्षक मृत्युंजय मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
“पढ़ाई विद एआई‘‘ पहल की समीक्षा की
मुख्य सचिव ने इस दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित “पढ़ाई विद एआई‘‘ पहल की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इस नवाचार की सराहना करते हुए एआई आधारित समाधान को लागू करने की संभावनाओं पर बल दिया।
जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने बताया कि यह एक एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षण प्लेटफॉर्म है, जिसे विशेष रूप से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कक्षा 10 के गणित विषय के विद्यार्थियों के लिए विकसित किया गया है।
सूचना एवं विज्ञान अधिकारी सुशील अग्रवाल ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुसार प्रश्न अभ्यास, तत्काल समाधान एवं व्याख्या हिंदी एवं अंग्रेज़ी में द्विभाषीय सहायता से उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में यह पहल टोंक जिले के सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू है, जिससे लगभग 12 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया गया कि “पढ़ाई विद एआई‘‘ के माध्यम से विद्यार्थियों में गणित विषय के प्रति रुचि में वृद्धि हुई है, अभ्यास की मात्रा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा शिक्षकों एवं प्रशासन को रीयल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने में सुविधा मिल रही है।



