पीएम मोदी ने अलग-अलग राज्यों के त्योहारों पर देशवासियों को दिया ‘विविधता में एकता’ का संदेश

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नई दिल्ली। देशभर में हिंदू नववर्ष, चैत्र नवरात्रि, उगादी और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग राज्यों के लोगों को पत्र लिखकर शुभकामनाएं दीं और सुख-समृद्धि की कामना की। अपने संदेशों में उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपरा और नए आरंभ की भावना का खास तौर पर जिक्र किया। पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के लोगों को चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष के अवसर पर बधाई दी। उन्होंने पत्र के जरिए कहा, “मेरे प्यारे देशवासियों, भारतीय नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मैं आपको एवं आपके परिवार को शुभकामनाएं देता हूं।” पत्र में पीएम मोदी ने लिखा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की यह तिथि भारत की प्राचीन और वैज्ञानिक कालगणना पद्धति का महत्वपूर्ण आधार है। इसी दिन से नए युगाब्द वर्ष 5128 और विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है। यह हजारों वर्षों से चली आ रही हमारी सांस्कृतिक जीवंतता का प्रमाण है।
पीएम मोदी ने चैत्र नवरात्र के महत्व को बताते हुए कहा कि यह नौ दिनों का पर्व शक्ति, साधना, त्याग और अनुशासन का प्रतीक है। इस दौरान कई साधक संयम और तपस्या का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व मां शक्ति के नौ अलग-अलग स्वरूपों की उपासना का भी अवसर है।
उन्होंने उपनिषदों के विचार ‘एकोऽहं बहुस्याम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमें एक ही ईश्वर को कई रूपों में देखने की प्रेरणा देता है। यही सोच भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ बनाती है और विविधता में एकता को मजबूत करती है। उन्होंने मां आदिशक्ति से सभी देशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।
इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों को उगादी के अवसर पर भी पत्र लिखकर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उगादी वसंत ऋतु के आगमन और नए आरंभ का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने पत्र में लिखा कि यह समय प्रकृति के नए रंगों और खुशियों से भरा होता है। फूलों की खुशबू और नए फलों का आगमन जीवन में नई ऊर्जा और संभावनाओं का संकेत देता है। उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि यह समय उनके लिए भी नए कृषि चक्र की शुरुआत का होता है, जिसे वे आशा और उत्साह के साथ अपनाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उगादी हमें जीवन के हर रंग को अपनाने की सीख देता है। इस त्योहार पर बनने वाले मीठे और कड़वे व्यंजन यह संदेश देते हैं कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना साहस से करें और सफलता को कृतज्ञता के साथ स्वीकार करें। उन्होंने कामना की कि नया वर्ष सभी के जीवन में स्वास्थ्य, खुशियां और सफलता लेकर आए।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने गोवा और महाराष्ट्र के लोगों को गुड़ीपड़वा के अवसर पर भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व नए साल की शुरुआत के साथ विजय, समृद्धि और नई उम्मीदों का प्रतीक है।
पत्र में उन्होंने कहा, “यह पवित्र पर्व नई शुरुआत और नई आशाओं का समय है। जब गुड़ी ऊंची लहराती है, तो वह विजय, समृद्धि और आशावाद का प्रतीक बनती है।” उन्होंने बताया कि गुड़ी पड़वा का गहरा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है और इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में भी मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन से जुड़ा है, जो नए जीवन और नई ऊर्जा का प्रतीक है। जब भारत विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब ऐसे त्योहार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। ये परंपराएं हमें हमारी जड़ों से जोड़ती हैं और हमारी पहचान को मजबूत करती हैं।

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