राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन बन रही समस्याओं का अंतिम पड़ाव- वन, पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का किया निरीक्षण

ram

जयपुर। राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) आमजन की समस्याओं का अंतिम पड़ाव साबित हो रही है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनन्द कुमार ने मंगलवार को सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उनके विभाग से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की जानकारी ली तथा परिवादियों से सीधे संवाद कर मौके पर ही संबंधित अधिकारीयों को प्रकरणों के निस्तारण कर कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव के परिवादियों से संवाद के दौरान बूंदी जिले के लाखेरी के पंकज सुमन द्वारा बताया गया कि मेन रोड पर लगे पीपल के पेड़ मे से गुजर रही बिजली लाइन आमजन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मौके पर ही बूंदी जिला कलक्टर अक्षय गोदारा को फोन कर मंगलावार शाम से पहले परिवादी की समस्या के समाधान कर की गई कारवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सीकर के महेश कुमार खुडानिया ने समस्या के समयबद्ध समाधान हो जाने पर राज्य सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। जयपुर के विष्णु द्वारा दर्ज केमिकल फेक्ट्री से प्रदूषण की शिकायत पर आनंद कुमार ने संबंधित अधिकारी को औचक निरीक्षण कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल समस्याओं का अंतिम पड़ाव होना चाहिए। इसके माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से संबंधित कुल 10957 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 10261 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। प्रकरणों के निस्तारण की औसत अवधि 27 दिन है । उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर स्वयं उपस्थित रहकर परिवादियों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *