कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच आज द्विपक्षीय बातचीत हुई। पीएम मोदी ने आतंकवाद पर अपना रुख कड़ा किया। उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद के बारे में हमारा संदेश बहुत स्पष्ट है, कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं। भारत और मलेशिया आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करेंगे।’ पीएम मोदी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान तमिल भाषा की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि तमिल भाषा के प्रति साझा प्रेम भारत और मलेशिया को जोड़ता है। मोदी ने ऑडियो-विजुअल समझौते का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि आज हुए ऑडियो-विजुअल समझौते के साथ फिल्में और संगीत, खासकर तमिल फिल्में, हमारे दिलों को और करीब लाएंगी।’ पीएम मोदी ने मलेशियाई पीएम को अपना दोस्त बताया। उन्होंने कहा-
पीएम मोदी ने 10वें CEO फोरम में भाग लिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम के दौरान आज मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बातचीत की। उन्होंने पेट्रोनास के अध्यक्ष और ग्रुप सीईओ तन श्री तेंगकु मुहम्मद तौफिक, बर्जया कॉर्पोरेशन बर्हाद के संस्थापक तन श्री दातो’ सेरी विंसेंट, खजानाह नेशनल बर्हाद के डायरेक्टर दातो’ अमीरुल फैसल वान जाहिर और फाइसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो पुआ खेइन सेंग से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते कारोबारी संबंधों (B2B कनेक्शन्स) की सराहना की और मलेशियाई कंपनियों में भारत की विकास यात्रा के प्रति गहरी रुचि देखकर प्रसन्नता जताई।
पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
MoU सहित 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ।
भारत और मलेशिया के बीच कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
AI और डिजिटल तकनीकों के साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ेगी।
2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 18.59 अरब डॉलर तक पहुंचा।
भारत सरकार मलेशिया के कोटा किनाबालू में वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) खोलेगा।
ऑडियो-विजुअल समझौते से तमिल फिल्मों और संगीत को बढ़ावा मिलेगा।
मलेशिया में भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट, मुफ्त ई-वीजा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए UPI डिजिटल इंटरफेस जैसी व्यवस्थाओं पर फोकस।
स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देने पर सहमति।
आतंकवाद पर कड़ा रुख- कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।



