जयपुर। जोधपुर जिले के प्रभारी सचिव एवं प्रमुख शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास, श्री भवानी सिंह देथा ने शनिवार को कार्यालय उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्मिकों की बैठक लेकर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। प्रमुख शासन सचिव ने पोषण ट्रैकर डैशबोर्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना डैशबोर्ड एवं सम्पर्क टूर मॉड्यूल के माध्यम से योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपनिदेशक को निर्देश दिए कि प्रतिदिन के आधार पर योजनाओं की सघन मॉनिटरिंग कर वास्तविक पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ प्रदान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने फेस रिकॉग्निशन सिस्टम के माध्यम से ही पोषाहार वितरण करने, 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की अपार आईडी तथा समस्त लाभार्थियों की आभा आईडी बनाने के निर्देश भी दिए। प्रमुख शासन सचिव ने निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेवाओं से वंचित लाभार्थियों को शीघ्रता से जोड़ा जाए। किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों को नजदीकी विद्यालयों में स्थानांतरित करने, आदर्श एवं सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों का समय पर विकास सुनिश्चित करने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों की मरम्मत के लिए आबंटित बजट का वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणात्मक सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।
आंगनबाड़ी केन्द्र खेजड़ली कलां, द्वितीय का किया निरीक्षण
इसके पश्चात प्रमुख शासन सचिव श्री देथा ने आंगनबाड़ी केन्द्र खेजड़ली कलां द्वितीय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केन्द्र पर उपस्थित बच्चों के वजन का सत्यापन किया तथा केन्द्र में संचालित पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए।



