जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति के प्रतीक हैं। वे विकास की धुरी हैं, जिनके समर्पण भाव से किए गए कार्यों से ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली आती है। उन्होंने कहा कि सरकारें नीतियां और योजनाएं बनाती हैं लेकिन उन्हें ग्राम स्तर तक क्रियान्वित करने का सशक्त माध्यम सरपंच ही होते हैं। शर्मा सोमवार को कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में सरपंच संघ द्वारा आयोजित निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) प्रदेश अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र को ग्रामीण परिवेश में सरपंच धरातल पर उतारते हैं। सरपंच के दायित्व में जन अपेक्षाओं की पूर्ति और समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण कार्य होता है, जिसे वे पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण भाव से करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा लाया गया वीबी जी राम जी कानून ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसके माध्यम से मनरेगा की अनियमितताओं को दूर किया गया है। इसके अंतर्गत स्थाई परिसंपत्तियों का निर्माण हो सकेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूती मिलेगी। कानून में रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय बजट में वीबी जी राम जी योजना में 95 हजार 692 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है।
8 करोड़ जनता का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता के कल्याण और सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास का रोडमैप बनाया है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रामजल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी, गंगनहर, माही सहित परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में आज 22 जिलों में दिन में बिजली दी जा रही है, जो 2027 तक पूरे जिलों में कर दी जाएगी। इसके साथ ही सोलर, बैट्री एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।
1 लाख युवाओं को मिली नौकरी, पेपरलीक मुक्त बना राजस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर भी चुके हैं। राजस्थान निवेश के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सरकारी सेवा में निरंतर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। अब तक 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। 1 लाख 44 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। वहीं, 1 लाख पदों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेण्डर जारी किया है। गत दो साल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ तथा सभी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई हैं। राजस्थान पेपरलीक से मुक्त हो गया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नवीन युवा नीति के आकर्षक प्रावधानों का लाभ उठाएं और रोजगार प्रदाता बनें।
3 हजार 467 नई ग्राम पंचायतों का हुआ गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतीराज को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रही हैं। इसी क्रम में 8 नई जिला परिषदों का गठन किया गया है। इसी प्रकार 94 नई पंचायत समितियां एवं 3 हजार 467 नई ग्राम पंचायतें भी बनाई गई हैं। वहीं, पंचायत के जनप्रतिनिधियों के मानदेय में वर्ष 2024-25 में 10 प्रतिशत और वर्ष 2025-26 में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि 475 ग्राम पंचायत भवनों एवं 117 अंबेडकर भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया है।
दो वर्ष में पांच साल से अधिक काम
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2 वर्षों के कार्यकाल में पूर्ववर्ती सरकार के 5 वर्षों से ज्यादा काम किया है। फार्म पौंड, डिग्गी निर्माण, तारबंदी, स्वामित्व कार्ड वितरण, पशु चिकित्सालयों का क्रमोन्नयन, पाइपलाइन और गौशाला अनुदान, अल्पकालीन फसल ऋण वितरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में 2 साल में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में विकास तभी संभव होता है जब सरकार और जनप्रतिनिधि एक साथ कार्य करें। विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश एक विजन के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी कानून से एक नए ग्रामीण भारत की तस्वीर उभरेगी। राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज को सशक्त करने संबंधी निर्णयों और कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अर्जुन सिंह गौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश मीणा, प्रदेश समन्वय कमल चौधरी, प्रदेश महामंत्री शक्ति सिंह रावत सहित अन्य पदाधिकारी एवं निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) उपस्थित रहे।



