जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने केंद्रीय बजट को प्रदेश की जनता के साथ छलावा करार दिया है। बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का बजट भाषण में नाम तक न होना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार का राज्य के प्रति रवैया ‘सौतेला’ है। ERCP और रेलवे को लेकर जताई नाराजगी गहलोत ने विशेष रूप से ईआरसीपी (ERCP) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 13 जिलों की इस महत्वपूर्ण जल परियोजना को लेकर बजट में कोई जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने आगे कहा, “प्रदेश को उम्मीद थी कि डबल इंजन सरकार होने का लाभ मिलेगा, लेकिन न तो किसी नई रेलवे परियोजना की घोषणा हुई और न ही जयपुर मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को कोई सहारा मिला।” प्रमुख आरोप और आपत्तियां पूर्व मुख्यमंत्री ने बजट की खामियों को गिनाते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर केंद्र को घेरा। गरीब, मजदूर और श्रमिकों के लिए किसी बड़ी राहत योजना का अभाव। राजस्थान जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य के लिए किसी विशेष वित्तीय पैकेज की कमी। गहलोत ने बजट को ‘damp squib’ यानी ‘ऊंची दुकान फीका पकवान’ बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों की बाजीगरी है, जिससे धरातल पर कोई बदलाव नहीं आएगा। अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के दौरान ‘डबल इंजन’ का हवाला देकर वोट मांगे गए थे, लेकिन बजट में राजस्थान की हिस्सेदारी शून्य रही। उनके अनुसार, यह बजट न केवल विकास की दृष्टि से निराशाजनक है, बल्कि प्रदेश की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी है।

ऊंची दुकान, फीका पकवान : बजट में राजस्थान की अनदेखी पर बरसे अशोक गहलोत
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