मुंबई। ‘देवा’ की रिलीज़ को एक साल पूरा होने पर कुब्रा सैत उस प्रोजेक्ट को याद कर रही हैं जिसने उन्हें गहराई से चुनौती दी और एक कलाकार ही नहीं, एक इंसान के तौर पर भी उन्हें गढ़ा। फ़िल्म की पहली सालगिरह के मौके पर कुब्रा उस सफ़र पर नज़र डाल रही हैं, जिसने वास्तविक लोकेशन्स में लंबे शूटिंग दिनों के साथ उनके भावनात्मक धैर्य की परीक्षा ली और उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग दिया। कुब्रा कहती हैं, “इस फ़िल्म ने मुझे थोड़ा तोड़ा और बहुत कुछ बना दिया। ‘देवा’ की शूटिंग लगभग एक साल चली, जिसमें इंतज़ार, चीज़ों को समझने की कोशिश और असली थकान से जूझना शामिल था। लेकिन एक सच ये भी है कि मुश्किल हालात अजीब तरह से आप पर काम करते हैं। वे आपको मज़बूत बनाते हैं, गहरे रिश्ते बनाते हैं और ख़ुद के साथ एक सशक्त रिश्ता बनाने के लिए मजबूर करते हैं।” गौरतलब है कि दीप्ति सिंह का किरदार निभाना कुब्रा के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। एक ऐसी महिला जो अपनी अंतःप्रेरणा पर भरोसा करना नहीं सीख पाती, यहाँ तक कि तब भी, जब वह सही होती है। भावनात्मक रूप से एक द्वंद्व के साथ जी रही किरदार के बारे में कुब्रा कहती हैं, “उस विरोधाभास के भीतर जीते हुए मैं जिन तरीक़ों से आगे बढ़ी, उसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती।”
‘देवा’ के एक साल पूरे होने के साथ यह फ़िल्म कुब्रा के लिए इसलिए भी ख़ास है क्योंकि यह 2025 की उनकी पहली थिएट्रिकल रिलीज़ रही। यह एक ऐसा मुकाम है, जो सिर्फ़ पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि निजी विकास से भी जुड़ा है। इस सिलसिले में वे गम्भीरता से कहती हैं, “विकास हमेशा सुंदर नहीं होता, लेकिन वह बेहद ताक़तवर ज़रूर होता है। फ़िल्म की सालगिरह पर कुब्रा ‘देवा’ की पूरी टीम का, ख़ासकर रॉय कपूर फ़िल्म्स का, दिल से शुक्रिया अदा करती हैं। उस सफ़र के लिए जिसने उन्हें और मज़बूत, ज़मीन से जुड़ा और निस्संदेह बदला हुआ इंसान बनाया। “देवा की उस यात्रा को एक साल मुबारक, जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगी। आपने मुझे ठोस बनाया, उसके लिए धन्यवाद।” अपनी शुभकामनाओं के साथ कुब्रा अपनी बात खत्म करती हैं।

कुब्रा सैत मना रही हैं फ़िल्म देवा के एक साल पूरे होने का जश्न
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