जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में जयपुर जिले के प्रत्येक गिरदावर सर्किल में ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध करवाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी जयपुर जिले में आयोजित हो रहे ग्राम उत्थान शिविरों की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम उत्थान शिविरों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों में अधिक से अधिक आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का तत्काल लाभ प्रदान किया जाए। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निस्तारण करते हुए पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही स्वीकृतियां जारी की जाएं, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहें तथा योजनाओं की स्पष्ट, सरल और व्यवहारिक जानकारी आमजन को उपलब्ध कराएं। साथ ही शिविरों के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से कृषि, पशुपालन, उद्योग, ऊर्जा, जल संसाधन, सहकारिता, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास सहित कुल 12 विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जा रही है तथा विभिन्न योजनाओं में पात्रता अनुसार स्वीकृतियां मौके पर ही जारी की जा रही हैं। अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार मूंड कहा कि ग्राम उत्थान शिविर राज्य सरकार की फ्लैगशिप पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जिला प्रशासन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गांव-गांव तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और ग्राम उत्थान शिविर इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार सहित कृषि, पशुपालन, उद्योग, ऊर्जा, जल संसाधन, सहकारिता, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान शिविरों की प्रगति की विभागवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए।
31 जनवरी को यहां आयोजित होंगे शिविर
सांगानेर के कलवाड़ा में, आमेर के बिलौची, रामपुरा डाबड़ी के सेवापुरा, बस्सी के देवगांव टहटडा में, चाकसू के शिवदासपुरा एवं ठिकरिया गुजरान में, माधोराजपुरा के चित्तौड़ा में, चौमूं के सिंगोदखुद में, शाहपुरा में मनोहरपुर, सांभरलेक के सिनोदिया में, जमवारामगढ़ के भानपुरा कलां एवं नीमला में, किशनगढ़ रेनवाल के बाघावास, दूदू के मरवा में, मौजमाबाद के धमाणा में, फागी के चौरू में, जोबनेर के हिंगोनिया में ग्राम उत्थान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
1 फरवरी को यहां आयोजित होंगे शिविर
सांगानेर के बगरू में, रामपुरा डाबड़ी के जालसू में, बस्सी के बांसखोह में, चाकसू के छांदेलकलां देहलाला में, चौमूं के सामोद एवं नांगल भरड़ा में, शाहपुरा में खोरालाडखानी, सांभरलेक के हिरनोदा में, जमवारामगढ़ के ताला एवं धूलारावजी, किशनगढ़ रेनवाल के बधाल में, दूदू के रहलाना, मौजमाबाद के बोराज, फागी के नगरपालिका परिसर फागी में, जोबनेर के करणसर में ग्राम उत्थान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सहित संबंधित विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। शिविरों के माध्यम से कृषकों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही स्वीकृतियां जारी की जा रही है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, फव्वारा एवं ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर पंप संयंत्र की स्वीकृतियां, बैलों से खेती करने पर 30 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि, फसल बीमा एवं एमएसपी की जानकारी, आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, सोलर पंप एवं पॉलीहाउस के आवेदन तैयार करने सहित बीज एवं मिनी किट वितरण का सत्यापन किया जा रहा है। कृषि विपणन विभाग द्वारा पीएमएफएमई के आवेदन तैयार करना, मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण तथा किसान विश्राम स्थल निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। सहकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री किसान निधि का डीबीटी, किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन, एनसीओएल एवं एनसीईएल सदस्यता, नवीन गोदाम निर्माण, सहकारी बैंक खाते, स्वयं सहायता समूहों के ऋण, 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना एवं कस्टम हायरिंग सेंटर से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना अंतर्गत पंजीकरण, पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु आहार एवं खनिज मिश्रण वितरण तथा गौशाला विकास योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। डेयरी (आरसीडीएफ) विभाग द्वारा पीडीसीएस/डीसीएस पंजीयन, नवीन सदस्यता, सरस बूथ एवं मार्ट आवंटन तथा सहकारी ऋण से संबंधित कार्य किए जाएंगे। मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का प्रचार-प्रसार एवं फार्म पॉण्ड में मछली पालन की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गृह प्रवेश एवं चाबी सुपुर्दगी, वीबी-ग्राम-जी अभियान तथा दीनदयाल उपाध्याय योजना के सर्वे कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा एसडीआरएफ की शेष अनुदान राशि का डीबीटी, उद्योग विभाग द्वारा युवा स्वरोजगार योजनाओं के आवेदन तथा जल संसाधन विभाग द्वारा डब्ल्यूयूए को सक्रिय करने, वंदे गंगा संरक्षण अभियान एवं नहरों की मरम्मत आवश्यकताओं का चिन्हीकरण किया जाएगा। ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत पंजीकरण किए जा रहे हैं।



