नई दिल्ली। लॉजिस्टिक सर्विस देने वाली कंपनी शैडोफैक्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोर एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 124 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग करीब 9 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 113 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 112.60 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से इस शेयर ने कुछ हद तक रिकवरी भी कीष पहले दो घंटे का कारोबार होने के बाद 11:15 बजे कंपनी के शेयर बीएसई पर 116.35 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के लिवाली का सपोर्ट मिलने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक 6.17 प्रतिशत के नुकसान में हैं।
शैडोफैक्स का 1,907.27 करोड़ रुपये का आईपीओ 20 से 22 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.86 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन चार गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.88 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.43 गुना और एम्प्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन 2.17 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 18,10,45,160 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 1,000 करोड़ रुपये के 8,06,45,161 नए शेयर और 907 करोड़ रुपये के 7,31,66,935 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर करने, लीज पेमेंट करने, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 142.64 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 11.88 करोड़ रुपये रह गया। 2024-25 में कंपनी मुनाफे में आ गई। इस साल कंपनी को 6.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 21.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,422.89 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,896.48 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,514.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 1,819.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 66.69 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 40.33 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 132.33 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 147.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2022-23 में कंपनी 113.47 करोड़ रुपये के ओवरऑल नुकसान में थी, लेकिन 2023-24 में कंपनी की अर्निंग में सुधार हुआ जिसके कारण ईबीआईटीडीए 11.37 करोड़ रुपये के स्तर पर और फिर 2024-25 में बढ़ कर 56.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2025 तक ये 64.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।



