ईरान में सरकारी टीवी चैनल हैक, विरोध प्रदर्शन का हुआ प्रसारण

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तेहरान (ईरान)। इस्लामिक गणराज्य ईरान में पिछले माह आखिरी सप्ताह के अंतिम तीन दिनों से महंगाई के खिलाफ शुरू विरोध प्रदर्शन अब तक नहीं थमा है। प्रदर्शनकारियों ने सीधे-सीधे सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ईरान का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को अमेरिका भड़का रहा है। इस्लामिक गणराज्य ने देश में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। वह सरकारी टेलीविजन चैनलों के माध्यम से अपना पक्ष दुनिया के सामने रख रही थी। इस बीच एक अनाम हैकर समूह ने ईरान के सरकारी टीवी चैनल सैटेलाइट पर हैक कर लिए हैं।

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, बद्र सैटेलाइट पर प्रसारित होने वाले ईरान के कई सरकारी टेलीविजन चैनलों को रविवार को हैक कर लिया गया। इस दौरान विरोध प्रदर्शन के फुटेज के साथ-साथ ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी की लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने और सैन्य बलों से प्रदर्शनकारियों का साथ देने की अपील प्रसारित की गई। उल्लेखनीय है कि ईरान का सरकारी ब्रॉडकास्टर अपने कई प्रांतीय टेलीविजन चैनलों को देश भर में प्रसारित करने के लिए बद्र सैटेलाइट पर निर्भर है।

रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई के कार्यालय के अधिकारी मेहदी फजेली ने रविवार को एक्स पोस्ट में ईरान में नए नेतृत्व की मांग करने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों को खारिज कर दिया। फजेली ने उन्हें “एक दोषी आदमी की हताश कोशिश” बताया। शनिवार को अमेरिकी समाचार पोर्टल पॉलिटिको ने ट्रंप के हवाले से कहा था, “अब ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय आ गया है।”

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की जेलों में बंद प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें नंगे बदन ठंड में रखा जा रहा है। साथ ही अनजान चीजों के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति के अनुसार, जेल अधिकारियों ने हिरासत केंद्र के आंगन में बंदियों के कपड़े उतरवा दिए और उन्हें सर्दियों में लंबे समय तक इमारत के बाहर रखा। इसके बाद जेल अधिकारियों ने पाइप से बंदियों पर ठंडा पानी डाला। हिरासत में लिए गए एक और व्यक्ति ने यह भी बताया कि अगले दिन जेल अधिकारियों ने उसे और कई अन्य कैदियों को ऐसे पदार्थ के इंजेक्शन लगाए, जिनके अंदर क्या था, यह पता नहीं चला।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन रविवार को सिंगापुर जलडमरूमध्य से गुजर गया। वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव के बीच इसे दक्षिण चीन सागर से मध्य पूर्व की भेजा गया है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जापान में ईरानियों के समर्थन में रविवार को रैलियां निकाली गईं।जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा के शहरों में पूरे सप्ताह प्रवासी प्रदर्शन जारी रहे।

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